Etawah as Mulayam Nagar: सपा ने बीजेपी की तरफ फेंका बड़ा दांव, इटावा का नाम बदलेगी योगी सरकार?
Etawah as Mulayam Nagar: समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह के नाम पर अब बीजेपी की तरफ एक और बड़ा दांव फेंका है। सपा ने मांग की है कि इटावा जिले का नाम बदलकर मुलायम नगर रखा जाए।

Etawah or Mulayam Nagar: उत्तर प्रदेश में रामचरितमानस को लेकर सपा ओर बीजेपी के बीच तकरार अभी थमीं नहीं थी कि अब सपा ने अपने वरिष्ठ दिवंगत नेता के लिए एक और बड़ा दांव खेलकर बीजेपी की टेंशन को बढ़ाने का काम कर दिया है। दरअसल सपा ने अब इटावा जिले का नाम बदलकर मुलायम नगर रखने की मांग की है। हालांकि इससे जुड़ा प्रस्ताव अभी जिला पंचायत की बैठक में लाया गया है लेकिन सपा के सूत्रों की माने तो इस आशय का प्रस्ताव जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार के पास भेजा जाएगा। बीजेपी सूत्रों की माने तो प्रस्ताव भेजना उनका काम है। इसपर कोई अंतिम और सही फैसला सरकार सही समय आने पर लेगी।
मुलायम को लेकर जिला पंचायत में पास हुआ प्रस्ताव
इटावा में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और तीन बार यू.पी. मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जिनका पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था। उनका जन्म इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। दरअसल केंद्र सरकार ने हाल ही में मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्दम विभूषण से सम्मानित किया था। लेकिन बाद में सपा की तरफ से अब उनको भारत रत्न दिए जाने की भी मांग उठने लगी है।
Recommended Video

बुधवार को हुई बैठक में लाया गया था प्रस्ताव
1 फरवरी (बुधवार) को हुई बैठक में कुछ पंचायत सदस्यों ने यह विचार रखा। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि प्रस्ताव औपचारिक रूप से पंचायत बोर्ड की अगली बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा। मुलायम सिंह यादव के करीबी पंचायत मुखिया अंशुल यादव ने कहा कि इटावा की पहचान 'नेताजी' (मुलायम सिंह यादव) के कारण है. उन्होंने कहा, 'हमारे सभी सदस्यों ने प्रस्ताव दिया है कि इटावा का नाम बदलकर मुलायम नगर किया जाए।'
केंद्र सरकार ने मुलायम को दिया है भारत रत्न
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव को भारत रत्न दिए जाने की मांग को लेकर यूपी की सियासत गरमायी हुई है। सपा ने अब नेताजी को देश का सर्वोच्च पुरस्कार दिए जाने का राग छेड़ दिया है। हालांकि केंद्र की तरफ से हालांकि मुलायम सिंह को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण (मरणोपरांत) की घोषणा की थी।
दरअसल सपा ने अब उनको भारत रत्न दिए जाने की मांग कर रही है। मुलायम के लिए यह मांग अचानक क्यों उठी है। सपा इस मुद्दे को तूल देने में क्यों जुटी है। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो समाजवादी पार्टी को डर है कि पद्म विभूषण सम्मान देकर कहीं बीजेपी उसके वोट बैंक में सेंध न लगा ले।
हालांकि बीजेपी के नेता और प्रदेश के प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं कि,
भाजपा बड़े दिल वाली पार्टी है। इसने मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण दिया, भले ही उन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। हमारे नेताओं का दिल बड़ा और क्षमाशील स्वभाव का है। जब कल्याण सिंह की मृत्यु हुई तो दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए अखिलेश उनके आवास पर नहीं गए। लेकिन जब मुलायम सिंह का निधन हुआ तो कल्याण सिंह के बेटे राजवीर उन्हें श्रद्धांजलि देने गए। सपा की हर चाल का जवाब बीजेपी अच्छे से देगी और सही समय आने पर सही फैसला लेगी।












Click it and Unblock the Notifications