शाहजहांपुर: पुलिस पर हमला करने के जुर्म में बीजेपी प्रत्याशी के बेटे गिरफ्तार
महिला दरोगा की पिटाई मामले में अब आरोपी के पिता पूर्व विधायक और बीजेपी प्रत्याशी चेतराम का आरोप है की महिला दरोगा सुषमा यादव ने उनके बेटे को चेकिंग के बहाने थप्पड़, लात-घूंसें मारे।
शाहजहांपुर। पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में विधायक के दोनों बेटों समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है वहीं मामले में 3 लोगों की गिरफ्तार भी हो गई है। इससे पहले पूर्व विधायक और बीजेपी प्रत्त्याशी ने महिला दरोगा पर अपने बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि पुलिस उन्हें बदनाम करने के लिए झूठा फंसा रही है। पूर्व विधायक ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि रात में पुलिस ने उनके घर में तोड़फोड़ की है। विधायक ने साथ ही ये बात भी कही कि गायत्री प्रजापति को तो पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है लेकिन निर्दोश लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ जरूर कर रही है।

महिला दरोगा की पिटाई मामले में अब आरोपी के पिता पूर्व विधायक और बीजेपी प्रत्याशी चेतराम का आरोप है की महिला दरोगा सुषमा यादव ने उनके बेटे को चेकिंग के बहाने थप्पड़ मारे और उसके बाद लात-घूंसों से उसकी पिटाई की। उनका कहना है कि अगर एक विधायक के बेटे के साथ पुलिस इस तरह का व्यवहार कर सकती है तो फिर आम जनता के साथ क्या करेगी? ये सोचने की बात है कि पुलिस को बीच रोड पर इस तरह से कौन पीट सकता है, ये सरासर उनके बेटे पर गलत आरोप है। जैसा कि महिला दरोगा का कहना है कि कई लोग लाठी-डंडों के साथ गाड़ियों में भरकर आए थे और उनके साथ मारपीट की। तो आरोपी के पिता का कहना है कि उनका बड़ा बेटा भी महिला दरोगा से मिलने गया था लेकिन पुलिस ने उसके साथ भी मारपीट की।
वहीं एसपी सिटी कमल किशोर का कहना है कि बीती रात चेकिंन के दौरान पुलिस पर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया है। जिसमें महिला दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उसके बाद कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एएसपी ने अपील की है कि वाहनों की चेकिंग पब्लिक की सुरक्षा के लिए ही की जाती है क्योंकि आज कल ज्यादातर घटनाएं बाइक से ही होती है। जब पुलिस कागज मांगती है तो लोगों को पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए।

बता दें कि घटना सदर बाजार थाना क्षेत्र के टाउन हॉल के पास की है। बुधवार की रात करीब आठ बजे थाने में तैनात महिला दरोगा सुषमा यादव सिपाही विपुल मलिक और दूसरा सिपाही अजेय मलिक टाउन हॉल ही में पास दो पहिया वाहनों की चेकिंग कर रह थे। घायल महिला दरोगा सुषमा यादव ने बताया कि जिस वक्त वो चेकिंग कर रहे थे तभी एक बाइक सवार तीन लोग आए उनको जब गाड़ी चेक करने के लिए रोका तो उसमें से एक खुद को बीजेपी प्रत्याशी चेतराम कि बेटा बता रहा था। दरोगा की माने तो तीनों नाबालिग थे। इसलिए उनको हिदायत देकर छोड़ दिया गया। तभी उसमें विधायक का बेटा कुछ लोगों से फोन पर बात करते हुए चला गया कि मेरी गाड़ी कैसे रोक ली।

दरोगा की माने तो इसके आधे घंटे बाद एक बोलेरो गाड़ी आई उसपर बीजेपी का झंडा लगा था। उसमें से 10 से 12 लोग लाठी-डंडे और तमंचे के साथ उतरे और उन पर हमला कर दिया। कुछ देर तक तो सभी लोग पुलिस कर्मियों पर लाठी-डंडे से हमला करते रहे। जिसमें महिला दरोगा और दो सिपाही घायल हो गए। घटना के बाद सभी गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए।

घटना की सूचना पुलिस को मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही पुलिस ने घटना के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे जिले में चेकिंग अभियान शुरू कर दिया लेकिन पुलिस इस मामले में अभी मीडिया को कुछ भी बताने से कतरा रही है। घायल महिला दरोगा सुषमा यादव ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से सवाल किया है कि जब महिला वर्दी पहनकर, स्टार लगाकर सुरक्षित नहीं हैं तो आम महिलाओं की सुरक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र कैसे करेंगे?












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