ShraddhaCase: MLA राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी से इस कानून में संशोधन की मांग, आफताब को फांसी की सजा की पैरवी की
MLA राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी से इस कानून में संशोधन की मांग
Shraddha Case:दिल्ली में जघन्य श्रृद्धा हत्याकांड ने हर किसी के दिल को दहला दिया है। श्रृद्धा के हत्यारें आफताब अमीन पूनावाला पुलिस की हिरासत में हैं, पुलिस की पूछताछ में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं अब उत्तर प्रदेश की राजाधानी लखनऊ के सरोजनी नगर भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने इसे लव जिहाद का केस बताया है और साज्ञ ही उन्होंने सीएम योगी को एक पत्र लिखकर UPPUCR Act 2021 में संशोधन की मांग की है ताकि त्वरित और आवश्यक न्याय मिल सके।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह जो यूपी चुनाव से पहले नौकरी छोड़ राजनीति में आए और चुनाव जीत कर सरोजनीनगर विधायक बने। राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक लेटर लिखा जिसमें उन्होंने श्रृद्धा हत्याकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए UPPCR Act-2021 में संशोधन किए जाने की मांग की।
विधायक राजेश्वर सिंह ने इस एक्ट में संसोधन करके ऐसे मामलों को गैर जमानती बनया जाता चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लिखा इस तरह के केस की जांच 60 दिन में पूरी हो जानी चाहिए। ऐसे मामलों को ट्रायल कोर्ट में चलाकर 60 दिनों में पूरा करना चाहिए । विधायक राजेश्वर सिंह ने ये भी लिखा कि रेप और हत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए केवल और केवल मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा श्रृद्धा वाकर के हत्यारें को भी फांसी की सजा दी जानी चाहिए।राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में लिखा "इस तरह की घटनाओं के पुर्नावृत्ति ने समुदाय में खतरे की भावना और गहरा अविश्वास का परिदृश्य पैदा किया है और इसलिए, निश्चित रूप से दुनिया भर के लिए बड़ी चिंता का मामला है।"
याद रहे दिल दहला देने वाली घटना दिल्ली में हुई जिसका खुलासा पिछले सप्ताह हुआ है। श्रद्धा वॉकर की उसके लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने हत्या कर दी और उसके 35 टुकड़े कर दिए। श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में बड़ा खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी आफताब पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर की पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया था।
पुलिस के अनुसार आफताब ने पहले श्रृद्धा के शरीर के 35 टुकड़े कर दिए, फिर उसके चेहरे को इस तरह जला दिया कि शरीर के अंग मिलने पर भी उसकी पहचान नहीं हो पाती। वहीं पूछताछ के दौरान आफताब ने खुलासा किया कि उसने इंटरनेट पर इस सब के बारे में सीखा था और यह भी बताया कि शव को हर किसी की पहुंच से कैसे छिपाया जाए।












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