आजम के साथ मिलकर अखिलेश के खिलाफ "चक्रव्यूह" रच रहे शिवपाल, SP को देंगे बड़ा राजनीतिक जख्म ?
लखनऊ, 25 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की नाराजगी क्या अखिलेश यादव पर भारी पड़ेगी। क्या आजम खां अब शिवपाल यादव के साथ मिलकर अखिलेश यादव के खिलाफ चक्रव्यूह रचने का काम करेंगे। हालांकि आजम से मुलाकात के बाद शिवपाल सिंह यादव कई बार कह चुके हैं कि वह जल्द ही अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा करेंगे। उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है। इसे न तो शिवपाल खारिज कर रहे हैं और न ही बीजेपी। हालांकि राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यदि शिवपाल यादव अपने करिश्मे से आजम को अखिलेश से अलग करने में कामयाब हो गए तो बीजेपी उन्हें उनका ईनाम जरूर देगी।

जेल से बाहर आने की कीमत चुकाएंगे आजम खान ?
सीतापुर जेल में बंद सपा के विधायक आजम खान के साथ चाचा शिवपाल सिंह यादव की मुलाकात को आम तौर पर एक सामान्य मुलाकात मानी जा रही है। लेकिन इस मुलाकात के अपने राजनीतिक मायने भी हैं। क्योंकि इस मुलाकात की टाइमिंग ऐसी है, जिसे राजनीति के पंडित समझ रहे हैं। लेकिन कोई भविष्यवाणियां नहीं हैं। इस बैठक के बाद राज्य में नए राजनीतिक समीकरण भी शुरू हो सकते हैं और सपा को भी झटका लग सकता है। इन सबके बीच आजम खान को लेकर कोई खुशखबरी आए तो कोई हैरानी नहीं होगी। आजम खान 26 महीने से जेल की चारदीवारी के बीच समय बिता रहे हैं और शिवपाल सिंह ने मुलाकात के बाद कुछ ऐसे संकेत दिए हैं. जिसके बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में आजम खान जेल से भी बाहर आ सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी।

शिवपाल अब योगी के सामने उठाएंगे आजम का मुद्दा
सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव के साथ मुलायम सिंह पर निशाना साधा था। लेकिन इसी के साथ शिवपाल सिंह यादव ने एक बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा कि वह राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और उनके साथ आजम खान का मुद्दा उठाएंगे। साफ है कि अगर अखिलेश और मुलायम सिंह ने आजम की मदद नहीं की तो वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद लेंगे। शिवपाल योगी आदित्यनाथ से मदद मांगेंगे, जिन पर आजम खान और उनका परिवार पिछले तीन साल से आरोप लगा रहा है और जिन पर आजम को जेल भेजने का आरोप लगाया जा रहा है।

राजनीति में रियायत की कीमत अदा करेंगे आजम ?
इन राजनीतिक हालातों में शिवपाल का ये बयान बेहद अहम हो जाता है। क्योंकि राजनीति में किसी भी रियायत की कीमत होती है और आजम खान को भी जेल से बाहर आने के लिए कुछ कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि आजम खान ने परोक्ष रूप से व्यक्त किया है कि वह अखिलेश यादव से नाराज हैं और शिवपाल के उनसे मिलने और आजम खान के लिए सीएम योगी से मदद मांगने का समय निश्चित रूप से भविष्य में किसी बड़े राजनीतिक तूफान की ओर इशारा कर रहा है। चाहे यह तूफान कुछ दिनों बाद आए या फिर लोकसभा चुनाव से पहले।

आजम विवाद को लेकर सपा में सबकुछ ठीक नहीं
समाजवादी पार्टी में फिलहाल दो गुट बन चुके हैं। एक तरफ अखिलेश यादव का गुट है तो दूसरी ओर आजम और शिवपाल की बेइज्जती से नाराज कार्यकर्ता हैं। शिवपाल और आजम खान के साथ कुछ नेता भी आ हैं। अखिलेश यादव खुलेआम मुलायम सिंह यादव का समर्थन करते हैं। जबकि दूसरे गुट के लोग अभी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। आजम खान को लेकर मुस्लिम नेता एकजुट हैं और लगातार प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से अखिलेश यादव के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन आजम खान के इस इशारे का सभी को इंतजार है। विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में आजम खान ने अपने करीब एक दर्जन मुस्लिम नेताओं से टिकट की मांग की थी। जिसे पार्टी अध्यक्ष ने खारिज कर दिया। जिसके बाद आजम खान के करीबी नेता चुपचाप उनकी पहल का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन आजम खान से शिवपाल सिंह यादव की मुलाकात के बाद आजम समर्थक खुश नजर आ रहे हैं।

शिवपाल और सीएम योगी के बीच अच्छे संबंध
शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के उन नेताओं में से एक हैं। जिसके सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं। पिछले पांच सालों में सीएम योगी आदित्यनाथ से वैचारिक मतभेद के बावजूद शिवपाल उनकी तारीफ करते रहे। हालांकि इसके बदले में बीजेपी और योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें इनाम भी दिया। शिवपाल को लखनऊ में बड़ा बंगला मिला तो उनके आईएएस दामाद को सभी नियमों को दरकिनार कर प्रतिनियुक्ति का विस्तार मिला। ये तो बस एक बानगी है और योगी आदित्यनाथ सरकार पूरे पांच साल से उन पर एहसान कर रही है। अब अगर शिवपाल कह रहे हैं कि वह आजम खान के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं होगी। ऐसा भी हो सकता है कि शिवपाल के अनुरोध पर राज्य सरकार आजम के खिलाफ नरम हो जाए और आजम खान को जेल से बाहर आना चाहिए।

सपा छोड़ने से पहले अखिलेश को बड़ी चोट देंगे शिवपाल
फिलहाल बीजेपी शिवपाल और आजम खान की नाराजगी का फायदा उठाना चाहती है। अभी तक शिवपाल ने बीजेपी में शामिल होने के पत्ते नहीं खोले हैं। न ही इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई पहल की गई है। ऐसे में माना जा सकता है कि आजम खान और शिवपाल की मुलाकात के बाद बीजेपी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को बड़ा राजनीतिक झटका देने की तैयारी कर रही है। शिवपाल को पार्टी में लाने से बीजेपी को कुछ खास फायदा नहीं होगा। लेकिन अगर आजम खान सपा छोड़ देते हैं तो राज्य में सपा के जनाधार को ठेस पहुंचेगी और इसका फायदा बीजेपी को लोकसभा चुनाव में मिलेगा।

मुसलमान छिटके तो 2024 में अखिलेश की बढ़ेगी परेशानी
इस बार विधानसभा चुनाव में 90 फीसदी मुसलमानों ने सपा को वोट दिया है लेकिन आजम खान की नाराजगी के बाद अब मुस्लिम वोटर और नेता नाराज हैं और पिछले एक महीने के दौरान सपा के कई नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष पर मुस्लिम और पार्टी नेता आजम खान की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। ऐसे में अगर बीजेपी आजम खान को शिवपाल के जरिए सपा से अलग कर पाती है तो यह बीजेपी की बड़ी जीत होगी और इसका इनाम शिवपाल सिंह यादव को भी मिलेगा।












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