UP News: Shivanand Chaurasia कौन थे? ओमान तट पर US अटैक में मौत, पत्नी बेसुध, मां-बाप फूट-फूटकर रोए
UP Deoria Shivanand Chaurasia Died Strait of Hormuz Ship US Attack: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव में गुरुवार (11 जून) को गहरा मातम छा गया। 35 वर्षीय शिवानंद चौरसिया, जो ओमान के तट पर एक तेल टैंकर पर इंजन फिटर के रूप में काम कर रहे थे, अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमले में अपनी जान गंवा बैठे। वे उन तीन भारतीय क्रू सदस्यों में शामिल थे जिनकी मौत हो गई।
इस घटना ने न केवल परिवार को तोड़ दिया बल्कि पूरे गांव को झकझोर दिया है। विदेश की कमाई के सपने लेकर गए शिवानंद अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।

घटना क्या थी?
सूत्रों और परिवार के अनुसार, 10 जून को ओमान के तट पर अमेरिकी सेना ने मर्चेंट जहाजों पर हमला किया। शिवानंद चौरसिया उस टैंकर पर सवार थे। जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य थे। हमले के बाद 21 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन लापता हो गए। गुरुवार (11 जून) को उनके शव बरामद कर लिए गए।
यह हमला हाल के दिनों में तीसरा ऐसा हमला बताया जा रहा है जिसमें भारतीय क्रू सदस्यों वाले मर्चेंट जहाजों को निशाना बनाया गया। भारत सरकार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमले किए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को अमेरिका के समक्ष सख्ती से उठाया है और जवाब मांगा है।
Who Was Shivanand Chaurasia: शिवानंद चौरसिया कौन थे?
शिवानंद चौरसिया सुरौली गांव के स्थानीय निवासी थे। वे लगभग आठ महीने पहले बेहतर भविष्य की तलाश में मुंबई गए थे और एक विदेशी शिपिंग कंपनी से जुड़कर टैंकर पर काम करने लगे। परिवार के मुताबिक, इंजन फिटर के रूप में उनकी जिम्मेदारी जहाज के इंजन और मशीनरी को सुचारू रूप से चलाने की थी।
उनके पिता रामजी चौरसिया ने PTI को बताया, 'हमने आखिरी बार परसों रात उनसे बात की थी। उन्होंने कहा था कि सब ठीक है, चिंता मत करना। अब अचानक यह खबर आ गई कि वह हमारे बीच नहीं रहे।' परिवार को यह दुखद समाचार शिवानंद के भाई ने दिया, जो दुबई में काम करते हैं।
शिवानंद अपनी पत्नी, एक छोटे बेटे और बेटी के साथ खुशहाल परिवार चलाते थे। उनकी मौत की खबर सुनकर पूरे परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे अभी तक पिता की वापसी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें कभी पिता के आगोश में नहीं आने वाला।
गांव और परिवार पर क्या बीत रही है?
सुरौली गांव में आज हर तरफ सन्नाटा है। घर के बाहर लोग इकट्ठा होकर शिवानंद की तस्वीर देख रहे हैं और एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं। कई लोग अभी भी यकीन नहीं कर पा रहे कि जो व्यक्ति कुछ दिन पहले फोन पर परिवार से हंसी-मजाक कर रहा था, वह अब दुनिया छोड़ चुका है।
पुलिस अधिकारियों ने परिवार के घर पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी ली और आवश्यक दस्तावेजों में मदद का आश्वासन दिया। स्थानीय प्रशासन भी परिवार से संपर्क में है। देवरिया के सांसद और विधायकों से भी सहायता की अपील की जा रही है।
भारतीय नाविकों पर बढ़ते खतरे
भारत दुनिया के सबसे बड़े नाविक सप्लायर देशों में से एक है। हजारों भारतीय युवा मर्चेंट नेवी, टैंकर और क्रूज शिप्स पर काम करते हैं और विदेशी मुद्रा कमाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लाल सागर, अरब सागर और ओमान के तट पर सुरक्षा स्थिति बिगड़ रही है।
हूती विद्रोहियों, समुद्री डाकुओं और अब अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण भारतीय क्रू सदस्य बार-बार खतरे में पड़ रहे हैं। इस घटना में अमेरिकी हमले का होना और भारत द्वारा इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करना एक नया मोड़ है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि तीन भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुखद है। पिछले चार दिनों में तीन अलग-अलग जहाजों पर हमले हुए हैं। भारत ने अमेरिका से जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं को दोहराने से रोकने की मांग की है।
सूत्र बताते हैं कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, नौकरी और शिक्षा सहायता देने का प्रावधान किया जाएगा।
परिवार की अपील और भविष्य
परिवार अब शव के भारत लाए जाने और अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा है। वे उचित मुआवजे और बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकारी मदद की उम्मीद कर रहे हैं। शिवानंद की पत्नी ने कहा कि पति की कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी, लेकिन बच्चों का भविष्य संवारना उनकी जिम्मेदारी है।
ओमान तट पर हुई यह घटना एक व्यक्तिगत त्रासदी से कहीं ज्यादा है। यह उन हजारों भारतीय परिवारों की कहानी है जो विदेश में कमाने के सपने देखते हैं लेकिन अनजाने खतरे का शिकार हो जाते हैं। देवरिया का सुरौली गांव आज शोक में डूबा है, लेकिन यह शोक पूरे देश के लिए चेतावनी भी है।
(इनपुट- PTI)













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