SDM Salary in UP: यूपी में एसडीएम को कितनी सैलरी मिलती है? जानें पावर से लेकर अधिकार तक
SDM Starting Salary in UP: अभी अधिकारियों में किसी पद की सर्वाधिक चर्चा है वह है एसडीएम पद का। जी हां उत्तर प्रदेश के बरेली में चीनी मिल में महाप्रबंधक के तौर पर तैनात एसडीएम ज्योति मौर्य काफी सुर्खियों में बनी हुई हैं। आप सभी लोगों को पता ही होगा कि एसडीएम ज्योति मौर्या पर उनके पति ने बेवफाई का आरोप लगाया है। खैर इन बातों से थोड़ा हटकर अब हमलोग चर्चा करते हैं। चलिए आज हम आपलोगों को बताते हैं कि एक एसडीएम की सैलरी कितनी होती है?
कितनी होती है एक एसडीएम की सैलरी? (SDM Salary)
यूपी में एक एसडीएम की सैलरी शुरुआती ग्रेड वेतन 5400 होती है जो कि पे बैंड 9300-34800 के तहत होती है। यह पे ग्रेड वेतन स्तर लेवल 10 है। एसडीएम का शुरुआती बेसिक वेतन 56,100 रुपये होगा (सभी भत्ते और कटौतियों को छोड़कर)। भारत में एक एसडीएम अधिकारी का अधिकतम (उच्चतम) मासिक वेतन 1,77,500 रुपये (बिना किसी पदोन्नति के) है। लेकिन सर्वोच्च पदोन्नति के मामले में, एक एसडीएम का अधिकतम मासिक वेतन 2.5 लाख रुपये/माह होता है । 7वें वेतन दिशानिर्देशों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, एमपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तराखंड में एसडीएम को वेतन दिया जाता है।

एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं (SDM Facilities)
एक एसडीएम को सरकारी आवास, सुरक्षा गार्ड, माली और रसोइया जैसे घरेलू सहायक, एक सरकारी वाहन, एक टेलीफोन कनेक्शन, मुफ्त बिजली आदि। इसके अलावा, आधिकारिक यात्राओं के दौरान उच्च श्रेणी के सरकारी आवास मिलता है।
एसडीएम किन किन कार्यों को करते हैं?
एसडीएम के पास राजस्व कार्य, चुनाव आधारित कार्य, विवाह पंजीकरण, रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण करना और जारी करना, शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण और जारी करना, ओबीसी, एससी/एसटी और डोमिसाइल जैसे प्रमाणपत्र जारी करना।
एसडीएम का पावर (SDM Power)
एसडीएम के पास अपने क्षेत्र के तहसीलदारों पर पूरा कंट्रोल होता है और वह जिलाधिकारी को रिपोर्ट करती हैं। लॉ एंड ऑर्डर की भी जिम्मेदारी इनके ऊपर होती है। इसके अलावा कई छोटी-छोटी कार्रवाइयों के तहत मजिस्ट्रेट का काम करता है।












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