क्या है SDM Jyoti Maurya से जुड़ा 33 करोड़ का मामला? डायरी की हैंडराइटिंग मिलने पर बढ़ेगी मुश्किल
पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। उनके पति ने उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उसकी जांच के लिए शासन ने एक कमेटी गठित की थी, जिसने अपनी जांच तेज कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्योति मौर्य के पति आलोक ने उनके ऊपर बेवफाई के साथ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। आलोक ने एक डायरी भी अपने पास होने की बात कही थी, जिसमें भ्रष्टाचार के सबूत थे। उन्होंने शासन को लिखे पत्र में उस डायरी के 32 पेज की फोटो अटैच की थी।

आलोक का आरोप है कि डायरी में ज्योति भ्रष्टाचार से मिले पैसे का हिसाब रखती थीं। जो पन्ने उन्होंने अटैच किए हैं, उसमें कुल 33 करोड़ के भ्रष्टाचार से मिली रकम का जिक्र है। पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने भी इस डायरी की जांच की मांग की थी।
वहीं हाल ही में कमेटी ने आलोक की शिकायत को लेकर बैठक की थी। जिसमें उन पन्नों की जांच की गई। उसके आधार पर अब जांच में तेजी लाई गई है। कमेटी में शामिल एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय ने कई विभागों से फाइलें मंगवाईं और कुछ लोगों से पूछताछ भी की है।
इन सब के अलावा ज्योति मौर्य के खातों की डिटेल भी मंगवाई गई है। साथ ही आलोक और उनको बयान दर्ज करने के लिए भी नोटिस भेजा गया। जांच कमेटी 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट शासन को सौंप देगी।
क्या डायरी में ज्योति मौर्य की राइटिंग?
इस बात की भी जांच की जा रही कि क्या डायरी में ज्योति मौर्य की हैंडराइटिंग है। ये ही इस मामले की सबसे अहम कड़ी है। अगर हैंडराइटिंग मिली, तो पीसीएफ अफसर के सामने नई परेशानी खड़ी हो जाएगी।
जांच कमेटी में कौन-कौन?
आलोक की शिकायत के बाद नियुक्त विभाग ने मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को जांच करने को कहा। जिस पर उन्होंने अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल बिंद की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। जिसमें एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय, एसीएम प्रथम जयजीत कौर भी शामिल हैं। ये 15 दिनों के अंदर जांच पूरी करके रिपोर्ट शासन को सौंप देंगे।












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