प्रधानमंत्री आवास योजना: एक नाम के 2 शख्स होने का अधिकारियों ने उठाया फायदा, पैसे का किया बंदरबाट
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर के जलालाबाद से प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा घोटाला सामने आया है। योजना से जुड़े अधिकारियों ने बड़े शातिराना तरीके से आमजनों के नाम आने वाला पैसा हड़पा है। साथ ही, सरकार को चूना भी लगाया है। एक नाम के दो शख्स होने का इन अधिकारियों दुरुपयोग किया। उनके आवास के लिए आया पैसा निकालकर उसका बंदरबाट कर लिया। पात्र शख्स का नाम सूची में होने के बाद भी उसको आवास नहीं दिया गया।

पीड़ितों के अनुसार, तहसील जलालाबाद के ग्राम रौली बौली में पिछले कई महीने से वे न्याय के लिए भटक रहे हैं। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर अब यह मामला सीडीओ के पास पहुंचा है, सीडीओ ने मामले मे जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित इरशाद (पुत्र जिलेदार) को प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में दर्ज किया गया था, मगर कुछ दिन बाद ही नाम हटाकर दूसरे व्यक्ति के नाम योजना का फायदा पहुंचा दिया।

इरशाद का कहना है कि गांव के सेक्रेटरी इलियास ऐसा होने दिया। मेरा नाम काटकर उसमें गांव के रहने वाले इरशाद पुत्र छंगे नाम के युवक का नाम लिस्ट में दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि सेक्रेटरी और बीडीओ ने मिलकर अपात्र इरशाद पुत्र छंगे से पचास हजार रूपए लेकर उसका नाम सूची में दर्ज कर दिया गया। उसके बाद अपात्र इरशाद पुत्र छंगे का आवास बनवा दिया गया। जबकि हम पात्र होकर के भी हमको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया। आरोप है कि इस घोटाले की शिकायत एसडीएम, सीडीओ और डीएम तक से की, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। पीड़ित ने डीएम से गुहार लगाई है कि उसको आवास दिया जाए।

अब जांच शुरू हुई
वही बीडीओ सुधीर कुमार यादव ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया और कहा कि 2017-18 से पहले सूची मे पिता का नाम नहीं होता था। इसलिए आईडी के आनुसार इरशाद पुत्र छंगे को आवास दिया गया था। इरशाद पुत्र जिलेदार का नाम सूची मे नहीं था। इसलिए उनके लगाए गए आरोप गलत हैं।

सीडीओ प्रेरणा शर्मा ने बताया कि गलत तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास बांटने के मामला सामने आया है। इस मामले मे जांच के दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।












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