UP के विधायकों की इमेज बदलने में जुटे हैं सतीश महाना, समझिए इसके पीछे का मकसद

लखनऊ, 20 सितंबर: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कई तरह के कदम उठाए हैं। इनमें से एक कदम है महिलाओं के लिए एक अलग दिन रिजर्व रखना तो दूसरा है यूपी विधानसभा में विधायकों को अलग अलग ग्रुप में बांटकर उनकी काबिलियत के हिसाब से उनको तैयार करना। महाना की कोशिश है कि नए युवा नेताओं को इस बात की सीख दी जाए कि कैसे वो अपने राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं और एक आदर्श विधायक बनकर दूसरों के लिए रोलमॉडल बन सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ

40 साल से कम उम्र के विधायकों का बनाया ग्रुप

दरअसल विधानसभा अध्यक्ष ने युवा विधायकों का एक अलग समूह बनाया है। वर्तमान में 403 सदस्यीय 18वीं राज्य विधानसभा में 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के 51 विधायक हैं। महिला सदस्यों के लिए एक अलग समूह है और उनके लिए मानसून सत्र में बोलने के लिए एक दिन आरक्षित किया गया है। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, एमबीए, चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ता, कृषि क्षेत्र और विभिन्न अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं।

अभी तक विधायकों के पांच समूह बने हैं

इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना कहते हैं कि, "हां, अभी तक, मैंने पांच समूह बनाए हैं और उनसे बातचीत की है। इन समूहों के साथ मेरी बैठकें सदस्यों को यह याद दिलाने के बारे में हैं कि कैसे बेहतर किया जाए। कैसे वे समाज में बेहतर भूमिका निभा सकते हैं। मैंने इनमें से प्रत्येक समूह को अलग-अलग लक्ष्य दिए हैं। आप (विधायक) राजनीतिक व्यवस्था के भविष्य हैं। मैंने उनसे (युवा विधायक) कहा है कि वे पांच, छह, सात या आठ बार कैसे जीत सकते हैं? आप एक आम विधायक से राज्य या राष्ट्रीय स्तर के नेता तक कैसे जा सकते हैं?

विधायकों के साथ स्पीकर की हुइ लंबी बातचीत

इसको लेकर स्पीकर ने विधायकों के साथ करीब साढ़े चार घंटे लंबी बातचीत हुई है। स्पीकर ने कहा कि उनसे (वरिष्ठ विधायकों से) कहा है कि उन्होंने कुछ अच्छा काम किया होगा और इसलिए युवा विधायकों को इसके बारे में शिक्षित करें। वे दिन गए जब आप (वरिष्ठ विधायक) सदन में शोर-शराबा कर खुद को साबित करते थे। अब राज्य विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाता है। आपको अपना आचरण इस तरह से करना चाहिए ताकि युवा विधायक आपसे सीख सकें।

यूपी के विधायकों के बारे में धारणा अच्छी नहीं

स्पीकर ने कहा कि पहले यूपी के विधायकों के बारे में धारणा अच्छी नहीं थी। सभी नकारात्मक बातें यूपी के बारे में बोली जाती हैं। अब हमारे पास पास सुशिक्षित डॉक्टर, इंजीनियर और एमबीए हैं। हमारे पास युवा विधायक हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम है। हमारे पास चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, हमारे पास वकील हैं। हमारे पास डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री वाले विधायक हैं। हमारे पास कृषि विशेषज्ञ हैं। हमारे पास हर क्षेत्र के विधायक हैं। इसलिए इस धारणा को बदलने की जरूरत है।

विधानसभा के रूप में आपके पास एक बड़ा मंच

महाना ने कहा कि विधायकों को एक मंच की जरूरत है। उनके पास राज्य विधानसभा का मंच है। अब वो या तो इस मंच का उपयोग अराजकता और उपद्रव पैदा करने या महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस करने के लिए कर सकते हैं। यदि आप बहस करना चुनते हैं, तो लोगों को पता चल जाएगा कि आप कितने बुद्धिमान हैं। हमारे पास बिना किसी स्थगन के राज्य विधानसभा का बजट सत्र था। ऐसा कभी नहीं हुआ है।

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