स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा का बड़ा बयान, अगर पार्टी ने कहा तो भी पिता के खिलाफ नहीं करूंगी प्रचार
बदायूं, जनवरी 30। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी छोड़ समाजवादी में शामिल होने का फैसला कर लिया था। स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ-साथ कई अन्य विधायक भी बीजेपी छोड़ सपा में चले गए थे, लेकिन इस बीच स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य अभी भी भाजपा में बनी हुई हैं। एक ताजा इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि उनके पिता के सपा में जाने के बाद उन पर ऐसा कोई दबाव नहीं है, जिससे कि वो बीजेपी छोड़ें। उन्होंने कहा कि वो बीजेपी में हैं और आगे भी रहेंगी।
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पिता के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगी संघमित्रा
NDTV को दिए इंटरव्यू में संघमित्रा मौर्य ने कहा है कि वह यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान अपने पिता के खिलाफ जाकर प्रचार नहीं करेंगी। दरअसल, जब इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि अगर हाईकमान उनसे कहता है कि आपको स्वामी प्रसाद मौर्य की सीट पर बीजेपी का प्रचार करना है तो आप क्या करेंगी? इस सवाल का जवाब देते हुए संघमित्रा ने कहा कि पहली बात तो बीजेपी हाईकमान ऐसा नहीं करेगा और अगर ऐसी स्थिति आती भी है तो मैं हाईकमान से कहूंगी कि वो अपने पिता के खिलाफ प्रचार नहीं कर पाएंगी। इसके बदले पार्टी पूरे प्रदेश में कहीं भी प्रचार कराएगी तो वो करेंगी, लेकिन पिता की सीट पर उनके खिलाफ प्रचार नहीं होगा।
पीएम मोदी हैं पिता समान- संघमित्रा
संघमित्रा ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कहेंगे तो भी वो अपने पिता के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगी। संघमित्रा ने कहा कि पीएम मोदी भी उनके पिता समान हैं। संत्रमित्रा ने ये साफ कर दिया है कि वो प्रदेश में सिर्फ और सिर्फ बीजेपी का ही प्रचार करेंगी। बदायूं से पहली बार सांसद बनी संघमित्रा मौर्य ने कहा कि उनके पिता के सपा में जाने के बाद उनपर बिल्कुल भी इस बात का दबाव नहीं है कि वो बीजेपी छोड़ें। उनके पिता ने भाजपा छोड़ने का उनपर कोई दबाव नहीं बनाया है।
2019 में धर्मेंद्र यादव के खिलाफ चुनाव जीती थीं संघमित्रा
उन्होंने कहा कि उनके पिता अपने मुद्दों पर बात करते हैं तो वहीं संघमित्रा अपने मुद्दों पर बात करती हैं। आपको बता दें कि संघमित्रा मौर्य 2019 लोकसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर बदायूं से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव को हराकर चुनाव जीता था।












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