संभल के 'पहलवान' CO को रक्षाबंधन पर मिली बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दिया प्रमोशन का तोहफा
संभल के मशहूर 'पहलवान' सीओ (CO) अनुज चौधरी (Anuj Chaudhary) को रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें एडिशनल एसपी (ASP) पद पर प्रमोट किया गया है। यह आदेश शुक्रवार देर रात जारी हुआ। यह उपलब्धि खास इसलिए है क्योंकि वह खेल कोटे (Sports Quota) से यूपी पुलिस में शामिल होने वाले पहले अफसर हैं, जिन्हें ASP का पद मिला है।
दरअसल, डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) ने 2 अगस्त की बैठक में उनके नाम पर सहमति दी, जिसके बाद अंतिम औपचारिकताओं का इंतजार था। शुक्रवार देर रात इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया। 12 साल की सेवा अवधि पूरी करने के बाद प्रमोशन पाने वाले इकलौते अधिकारी हैं।

अनुज चौधरी समेत 19 अधिकारियों का प्रमोशन
डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) ने 19 पुलिस उपाधीक्षकों (DySPs) को अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर पदोन्नति के लिए अनुशंसित किया है। इस लिस्ट में 2012 बैच के PPS अधिकारी अनुज चौधरी का नाम भी शामिल है, जिन्होंने संभल हिंसा मामले में अपनी भूमिका के कारण विशेष ध्यान आकर्षित किया था।डीपीसी ने 2006 से 2012 बैच के 29 अधिकारियों के नामों को लिस्ट में शामिल किया, लेकिन केवल 19 अधिकारियों को प्रमोशन के लिए योग्य पाया।
अनुज चौधरी: खेल से खाकी तक का सफर
खेल कोटे से चयनित 2012 बैच के अधिकारी अनुज चौधरी उत्तर प्रदेश पुलिस में एक जाना-माना नाम हैं। 2005 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करने वाले चौधरी ने कुश्ती में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने के बाद पुलिस सेवा में कदम रखा। वर्तमान में वे चंदौसी सर्किल के सर्किल ऑफिसर (CO) के रूप में तैनात हैं।
पिछले वर्ष वे संभल जिले में सांप्रदायिक तनाव के दौरान सुर्खियों में आए थे, जब शाही जामा मस्जिद सर्वे मामले में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से घायल हो गए थे। चौधरी पर गोली चलाने वाले आरोपी सलीम को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। हिंसा के दौरान एसपी केके विश्नोई के साथ ही सीओ अनुज चौधरी भी गोली लगने से घायल हुए थे। बाद में आरोपी से एक तमंचा, 5 कारतूस और खोखा बरामद हुआ था।
कौन हैं अनुज चौधरी?
मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के निवासी अनुज चौधरी वर्तमान में संभल में सीओ (सर्किल ऑफिसर) के पद पर तैनात हैं। उनका जन्म 15 जुलाई 1978 को हुआ। उन्होंने वर्ष 2000 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में पुलिस सेवा जॉइन की।
अनुज चौधरी के नाम कई बड़ी उपलब्धि
कुश्ती में उनके शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें 1997 से 2014 तक नेशनल चैंपियन का खिताब हासिल रहा। उन्होंने नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल और एशियाई चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीते। वर्ष 2001 में लक्ष्मण पुरस्कार और 2005 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए गए।
2003 में खेल उपलब्धियों के चलते उन्हें 'आउट ऑफ टर्न प्रमोशन' देकर इंस्पेक्टर बनाया गया। बाद में 2012 में वे डिप्टी एसपी बने। अपनी मज़बूत कद-काठी, बेहतरीन बॉडी फिटनेस और बेधड़क अंदाज के कारण पुलिस फोर्स और खेल जगत दोनों में वे एक चर्चित नाम हैं।












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