सहारनपुर: क्या निशाने पर था कमल वालिया, गलती से मारा गया छोटा भाई ?

सहारनपुर। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई सचिन वालिया की मौत अभी भी रहस्य बनी हुई है। पुलिस अधिकारी जहां एक ही लाइन पकडे़ हुए हैं कि सचिन की मौत देसी तमंचे की सफाई करते वक्त गोली लगने से हुई है, वहीं मृतक के परिजन हत्या किए जाने के आरोप लगा रहे हैं। उधर, सचिन वालिया के शव का पोस्टमार्टम हुए 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, लेकिन अभी तक भी पुलिस अधिकारी पीएम रिपोर्ट न मिलने की बात कह रहे हैं। पुलिस लाइन के सरकारी अस्पताल में भी अभी तक यह रिपोर्ट सम्मिट नहीं हो सकी है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस रिपोर्ट को पूरी तरह से गोपनीय रखा जा रहा है।

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इस मामले को लेकर सहारनपुर जनपद में अभी भी पूरी तरह से तनाव बना हुआ है। आरएएफ की तीन कंपनियां अभी भी गांव रामनगर में पूरी तरह से मुस्तैद है तो पीएसी के जवान गांव की गलियों में गश्त करते नजर आ रहे है। गांव रामनगर की गलियों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है और अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात नजर आ रहे हैं। मृतक सचिन वालिया के घर पर पूरी तरह से मातम पसरा हुआ है। महिलाओं का रोना अभी भी बंद नहीं हुआ है।

गांव रामनगर का भ्रमण करने और ग्रामीणों से वार्ता करने पर कुछ लोग जहां बात करने से कतरा रहे हैं, वहीं कुछ लोग खुलकर कह रहे हैं कि सचिन वालिया की देसी तमंचे की सफाई करते वक्त चली। गोली से नहीं बल्कि अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की गई है। इस तरह के तमाम सवालों का जवाब तलाशने के लिए मुरादाबाद से फोरेंसिक टीम गांव में पहुंची और तमाम तरह की पूछताछ किए जाने के बाद कुछ स्थानों से आवश्यक नमूने भी एकत्र किए।

गांव के लोगों का कहना है कि राजपूत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम आयोजन से पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें भीम आर्मी के पदाधिकारियों को गोली मारने से संबंधी बात कहता हुआ एक युवक नजर आ रहा है। यह युवक कौन है इसकी जांच पुलिस अधिकारियों को करनी है। गांव की गलियों के बाहर खडे़ कुछ लोगों का कहना है कि हत्यारों के निशाने पर भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया थे, लेकिन अचानक से सचिन वालिया सड़क पर निकल पडे़ और उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। यहां यह भी दावा किया जा रहा है कि कमल वालिया भीम आर्मी के एक मजबूत स्तंभ हैं, जबकि संस्थापक चंद्रशेखर रावण, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन और एक अन्य पदाधिकारी जेल में बंद है। इसलिए हत्यारों के निशाने पर कमल वालिया ही रहे। कमल वालिया ही इस वक्त भीम आर्मी संगठन को देख रहे है।

शुक्रवार को मृतक सचिन वालिया की मां कांति वालिया ने कुछ होश संभाला है, अन्यथा वह सचिन वालिया की मौत के बाद से ही बेसुध होए जा रही थीं। कांति वालिया ने बताया कि घटना वाले रोज दो पत्रकार आए थे। सचिन वालिया के घर पर ही बैठकर कुछ बात की और बाद में चले गए। सचिन उन्हें बाहर तक छोड़ने गया था, जब वापस आया तो किसी ने गोली मार दी और मौत हो गई।

उधर इस मामले में एक खास बात यह सामने आई है कि सचिन के शव का पोस्टमार्टम आधी रात के बाद शुरू किया गया और सुबह साढ़े दस बजे तक समाप्त हुआ जिसके बाद परिजनों को शव सौंपा गया। सचिन के शव का पीएम हुए 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक भी पुलिस अधिकारी यही कह रहे हैं कि अभी पीएम रिपोर्ट नहीं आई है। आमतौर पर पीएम रिपोर्ट पीएम होने के तुरंत बाद एसएसपी आफिस, संबंधित क्षेत्र के थाना और पुलिस लाइन स्थित चिकित्सालय को भेज दी जाती है। लेकिन यह रिपोर्ट अभी तक भी पुलिस लाइन के चिकित्सालय में नहीं पहुंच पाई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्ष बबलू कुमार का कहना है कि क्षेत्र में शांति है और इस मामले में हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। किसी को भी माहौल खराब करने की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी और और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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