'किसी पार्टी का अध्यक्ष चुनना हमारा काम नहीं, ना ही कोई लिस्ट आती है', BJP अध्यक्ष चुनाव पर RSS ने ये क्या कहा
Dattatreya Hosabale: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नया अध्यक्ष चुने जाने के सवाल पर कहा है कि हर पार्टी अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने बेंगलुरु में रविवार 23 मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि किसी पार्टी का अध्यक्ष चुनना हमारा काम नहीं है और कोई हमसे पूछे ऐसी हम कोई अपेक्षा भी नहीं रखते हैं।
दत्तात्रेय होसबोले से जब पत्रकार ने पूछा कि क्या भाजपा की ओर से नए अध्यक्ष पद के लिए आपसे सुझाव मांगा गया है? अगर सुझाव मांगा जाएगा तो क्या संघ सुझाव देगा? इन सवालों का जवाब देते हुए दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, ''आपने कभी किसी और पार्टी के अध्यक्ष चुनाव के लिए तो नहीं पूछा...फिर आज क्यों पूछ रहे हैं। हमारे लिए सब समान हैं...देश के लिए सभी लोग काम कर रहे हैं। आप जिनकी बात कर रहे हैं,,,वो एक स्वतंत्र संगठन है।''

दत्तात्रेय होसबोले बोले- किसी पार्टी का अध्यक्ष चुनना हमारा काम नहीं है
दत्तात्रेय होसबोले ने आगे कहा,
''किसी पार्टी का अध्यक्ष चुनना हमारा काम नहीं है, वहां संघ के स्वयं सेवक हैं इसलिए हमारा संबंध है...संगठनात्मक काम उनको करना चाहिए और वो करते हैं और कोई हम से पूछे ऐसी अपेक्षा भी नहीं है। वो ये चुनाव और अध्यक्ष किसे बनाना है...उनका काम है। उनको क्या करना चाहिए...उनके टाइम-टेबल के हिसाब से कब करना चाहिए...ये तय करना वहां के लोगों का काम है। हम उसमें दखल नहीं देते हैं। वो अपना काम भी नहीं है। हम नहीं करते हैं ये सब। वो जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। वो हमसे पूछ कर करेंगे...वो हमें कोई लिस्ट देंगे...ऐसा कभी नहीं होता है और हम करते भी नहीं हैं। वो किसी को भी बनाए...अच्छा करें देश के लिए इतना ही हमारा कहना है...उनको इसके लिए शुभकमानाएं।''
'BJP को अपने नेताओं को चुनने की प्रक्रिया पर फैसला लेने की आजादी है'
दत्तात्रेय होसबोले से पहले आरएसएस से जुड़ी फैसले लेने वाली समिति अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) के सर सहकार्यवाह अरुण कुमार ने भी भाजपा अध्यक्ष पर बनाए जाने को लेकर टिप्पणी की थी। अरुण कुमार ने कहा था कि उन्हें (भाजपा) अपने नेताओं को चुनने की प्रक्रिया पर फैसला लेने की आजादी है। हम एक साथ मिलकर राष्ट्रीय मुद्दों पर काम करते हैं। पार्टी जो भी फैसला लेती है, वो उनका अंदरूनी मामला है।'' उन्होंने ये भी कहा था कि भाजपा और आरएसएस के बीच कोई असहमति नहीं है।












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