मध्य प्रदेश: अमित शाह के सामने संघ ने की शिवराज सरकार की किरकिरी, भाजपा ने मांगी संघ की मदद
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर अंचल में कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव व भाजपा के अलग-अलग फीडबैक और सर्वे ने रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। राहुल गांधी के भीड़ भरे रोड शो भाजपा के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इसे ही लेकर भाजपा के भीतर से जो खबरें बाहर आ रही हैं, उसके मुताबिक मध्यप्रदेश में भाजपा अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सहायता से चुनावी बिसात बिछाने की तैयारी में है। यही वजह है कि भोपाल की अरेरा कालोनी में बना घर अब मध्य प्रदेश की राजनीति का नया केंद्र है। यह केंद्र है आरएसएस का मुख्यालय 'समिधा'। जहां बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी भोपाल दौरे के दौरान तीन घंटे तक रुके थे।

बताया जा रहा है कि संघ ने अमित शाह को शिवराज सरकार का फीडबैक दिया है। यह फीडबैक पार्टी आलाकमान के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसी मामले में अब भाजपा रणनीतिकारों ने आरएसएस से गुहार लगाई है। आरएसएस ने अमित शाह और सीएम शिवराज को स्पष्ट बता दिया है कि एमपी में 15 साल पुरानी शिवराज सरकार के विधायकों के खिलाफ नाराजगी है। इसलिए करीब 70 विधायकों के टिकट काटे जाएं। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के बाद जो आंदोलन भड़का, उसे भी सरकार ठीक से नियंत्रित नहीं कर सकी। इससे भी सरकार के खिलाफ सवर्णों में नाराजगी उभरी है। इसके अलावा संघ ने ये भी बताया कि सीएम शिवराज की लोकप्रियता भी घटी है। इसलिए संघ ने बीजेपी की मदद करने का फैसला किया है।

वैसे संघ बीजेपी की चुनावों में पहले भी मदद करते आया है, मगर इस बार बीजेपी पिछले दो चुनावों के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हालात में है। इसलिए संघ के कार्यकर्ता इस बार सर्वे प्रचार और बूथ तक की जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं। संघ से आ रही खबरों के मुताबिक इस बार स्वयंसेवक प्रचार से लेकर बूथ स्तर तक भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। हर बूथ पर संघ ने वैकल्पिक रूप से दो स्वयंसेवकों की तैनाती का फैसला किया है। हांलाकि, बीजेपी के नेता आज भी संघ की मदद को खुलेआम स्वीकार नहीं कर रहे हैं। मगर वो मान रहे हैं कि संघ से बीजेपी का गहरा जुड़ाव है। एमपी में विधानसभा चुनाव अभी 28 दिन दूर हैं और बीजेपी के नेता मान रहे हैं कि ऐंटी इंकबेंसी से निपटने के लिए विधायकों के टिकट कटेंगे मगर ये संघ के कहने पर हो रहा है ऐसा नहीं है। संघ ने पिछले सालों में शिवराज सरकार में जमकर दखल दिया है। ऐसे में संघ के कार्यकर्ता भी नहीं चाहेंगे कि शिवराज सरकार की छुट्टी हो।












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