समाजवादी 'महाभारत' में 'कंस' V/S 'दुर्योधन'; शिवपाल-अखिलेश की बीच फिर शुरू हुआ Coldwar

लखनऊ, 20 अगस्त: उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और सपा के चीफ अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच कोल्डवार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब दोनों की राहें अलग हो चुकी हैं लेकिन खास मौके पर एक दूसरे को टारगेट करने और तंज कसने का कोई मौका चाचा-भतीजा नहीं छोड़ना चाहते। अबकी बार मौका था जन्माष्टमी का। शिवपाल यादव ने गीता के उपदेश का जिक्र करते हुए जहां कंस का जिक्र कर अखिलेश पर वार किया था अखिलेश ने भी दुर्योधन का जिक्र कर अपने चाचा शिवपाल यादव को करारा जवाब दे दिया।

जन्माष्टमी पर शिवपाल-अखिलेश के बीच चला कोल्डवार

जन्माष्टमी पर शिवपाल-अखिलेश के बीच चला कोल्डवार

जन्माष्टमी भगवान कृष्ण की जयंती के रूप में मनाया जाने वाला एक पवित्र दिन है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राजनीतिक रूप से उनसे अलग हो चुके चाचा शिवपाल यादव ने भगवान कृष्ण का आह्वान कर एक दूसरे पर हमला बोला। अखिलेश ने सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला करने के लिए श्रीकृष्ण का जिक्र किया तो शिवपाल ने अखिलेश पर हमला करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण को ही अपना माध्यम बनाया।

अखिलेश ने ग्वालियर से दिया शिवपाल यादव का जवाब

अखिलेश ने ग्वालियर से दिया शिवपाल यादव का जवाब

एक तरफ मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्माष्टमी मनाने पहुंचे अखिलेश ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, "आप सभी जानते हैं कि दुर्योधन ने भगवान कृष्ण की पूरी सेना मांगी थी, लेकिन विजेता वो हुए थे जिनका साथ भगवान कृष्ण ने दिया था।'' वहीं दूसरी ओर शिवपाल ने कहा कि सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) का गठन भी नियति का हिस्सा थी। शिवपाल ने कहा कि धर्म की रक्षा में यदुवंशियों ने अहम भूमिका निभाई थी लिहाजा एक बार फिर सबको साथ आने की जरूरत है।

महाभारत के पात्रों का जिक्र कर दोनों ने बोला हमला

महाभारत के पात्रों का जिक्र कर दोनों ने बोला हमला

दरअसल अखिलेश महाभारत के उस प्रकरण का जिक्र कर रहे थे जिसमें कहा जाता है कि कौरवों (दुर्योधन और उनके भाइयों) और पांडवों (युधिष्ठिर और भाइयों) के बीच लड़ाई से पहले, दुर्योधन ने भगवान कृष्ण को अपनी तरफ से लड़ने का अनुरोध किया था। भगवान कृष्ण ने कहा था कि उन्होंने युद्ध में शस्त्र न उठाने की कसम खाई थी, इसलिए दुर्योधन या तो एक निहत्थे कृष्ण या उसकी पूरी सेना में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। ऐसे में दुर्योधन ने पूरी सेना ले ली और कृष्ण पांडवों में शामिल हो गए। अंततः पांडवों ने युद्ध जीत लिया था।

शिवपाल ने कंस का जिक्र कर भतीजे पर कसा तंज

शिवपाल ने कंस का जिक्र कर भतीजे पर कसा तंज

दरअसल अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव ने अपने भतीजे अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कृष्ण और कंस का नाम लेते हुए इशारा किया था कि अखिलेश ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से सपा की कमान छीनकर खुद संभाली है। इसके बाद शिवपाल ने यदुवंशियों को लिखे एक खुले पत्र में कहा कि, "जब भी समाज में कोई 'कंस' धोखे और अपमान के माध्यम से अपने सम्मानित पिता को विस्थापित करके अपना वर्चस्व स्थापित करता है, तब कृष्ण अवतार लेते हैं और अत्याचारी को दंड देते हैं और 'धर्म' की स्थापना करते हैं।" कंस कृष्ण के चाचा थे। कहा जाता है कि कंस ने अपने पिता को गद्दी से हटाकर खुद को मथुरा के राजा के रूप में स्थापित किया था। अंत में कृष्ण ने कंस का वध कर धर्म की स्थापना की थी।

शिवपाल ने यदुवंशियों से की भावुक अपील

शिवपाल ने यदुवंशियों से की भावुक अपील

शिवपाल ने अपने पत्र में यदुवंशियों से साथ देने की भी भावुक अपील की है। शिवपाल अपने पत्र में लिखते हैं कि...

जय हो, जय हो राधा माधव
जय हो ग्वाल कुमारों की

जय हो, जय हो मथुरा वृंदावन,
यदुवंश के पालनहारों की।

मैं चला धर्म ध्वज लिए हुए
अपना कर्तव्य निभाने को,

आव्हान तुम्हारा यादव वीरों
देर न करना आने को।

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