दो दिशाओं से निकलेगी चाचा-भतीजे की रथयात्रा, शिवपाल के अल्टीमेटम का है आज आखिरी दिन
लखनऊ, 11 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले सारी राजनीतिक पार्टिंया अपनी अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। चुनाव से पहले हालांकि प्रसपा के चीफ शिवपाल यादव और अखिलेश यादव में सुलह नहीं हो पाई है। लिहाजा एक तरफ जहां सपा के चीफ अखिलेश कानपुर से अपनी समाजवादी विजय यात्रा निकालेंगे और वह बुंदेलखंड के कई राज्यों से होकर गुजरेगी वहीं दूसरी ओर शिवपाल यादव भी 12 अक्टूबर से सामाजिक परिवर्तन यात्रा निकालने जा रहे हैं। मुलायम सिंह यादव के परिवार में पहली बार एक ही समय में दो कद्दावर नेता अलग -अलग जगहों से चुनावी यात्रा निकालने जा रहे हैं।

कानपुर से शुरू अखिलेश की यात्रा पहले चरण में बुंदेलखंड जाएगी
समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जनता का समर्थन जुटाने की मांग करते हुए मंगलवार को कानपुर से यात्रा शुरू करेंगे। पार्टी ने सोमवार को एक बयान में कहा, "समाजवादी विजय यात्रा' यात्रा का उद्देश्य लोगों को भाजपा सरकार की भ्रष्ट, निरंकुश और दमनकारी नीतियों के बारे में जागरूक करना और वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना करना है।" एक मर्सिडीज बस में यात्रा करेंगे, जिसे 'रथ' में बदल दिया गया है, जिसमें एक तरफ अखिलेश यादव और दूसरी तरफ पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पोस्टर लगे हैं, इसके अलावा पार्टी नेता मोहम्मद आजम खान की तस्वीर भी है।

12-13 अक्टूबर को कानपुर देहात, जालौन और हमीरपुर को कवर करेगी
सपा ने बताया कि यात्रा कानपुर से शुरू होगी और पहले दो दिनों में 12-13 अक्टूबर को कानपुर देहात, जालौन और हमीरपुर को कवर करेगी। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, "यात्रा का उद्देश्य किसानों, युवाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़े, अल्पसंख्यकों और सभी वर्गों को न्याय दिलाना और राज्य को निरंकुश और दमनकारी सरकार से छुटकारा दिलाना है। चौधरी ने कहा कि जुलाई 2001 और सितंबर 2011 के बाद अखिलेश यादव की यह तीसरी ऐसी यात्रा है।

यात्रा से पहले लिया मुलायम का आशीर्वाद
यात्रा से एक दिन पहले पार्टी ने 17 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया जिसमें अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव से बात करते और आशीर्वाद लेने के लिए उनके पैर छूते नजर आ रहे हैं। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एक बयान में कहा, "जब सीएम योगी कोरोना के दौरान लोगों को राहत देने के लिए एक जिले से दूसरे जिले में दौड़ रहे थे, तब सपा नेता अपने वातानुकूलित ड्राइंग रूम से ट्वीट करने में व्यस्त थे। अब वो लोग वातानुकूलित आलीशान 'रथ' से लोगों के पास जाने की नौटंकी कर रहे हैं।"

अपनी अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं शिवपाल-अखिलेश
डॉ राम मनोहर लोहिया के करीबी मुलायम सिंह यादव के बेटे और उनके भाई की राहें जुदा हो चली हैं। 2016 में मुलायम परिवार में शुरू हुआ झगड़ा अभी तक थमा नहीं है। मुलायम सिंह यादव बेटे और भाई के बीच समझौता कराने के लिए सामने आए लेकिन वह कामयाब नहीं हुए। नेताजी के नाम की गूंज देश और प्रदेश में सुनाई देती है। लेकिन वह अपनों से हार गए हैं। अखिलेश मिशन 2022 की तैयारी में जुटे हैं और 12 अक्टूबर से 'समाजवादी विजय यात्रा' की शुरुआत करने जा रहे हैं। परिवार और पार्टी में समझौता नहीं होने के बाद शिवपाल यादव भी मजबूरन अब 12 अक्टूबर को मथुरा से अपनी परिवर्तन यात्रा को लेकर निकलने वाले हैं। चाचा भतीजे की शुरू हो रही यात्राएं सियासी ताप का थाह लेंगी।

मथुरा से सामाजिक परिवर्तन यात्रा निकालेंगे शिवपाल
प्रसपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि मथुरा से शुरू होने वाली इस यात्रा के पीछे महत्वपूर्ण बात यह है कि, हम इसे भगवान श्री कृष्ण की भूमि से शुरू करने जा रहे हैं, जो अधर्म के खिलाफ लड़ना सिखाते हैं। जैसे भगवान कृष्ण धर्म के पक्ष में थे, वैसे ही हम भी अधर्मियों के विनाश के लिए लड़ने जा रहे हैं। अधर्म के विनाश के लिए चुनाव में जाने की तैयारी कर ली गई है। शिवपाल यादव इकलौते राज्य के ऐसे नेता हैं, जो उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा का दो बार दौरा कर चुके हैं।

सात चरणों में होगी शिवपाल की यात्रा
यह यात्रा सात चरणों में होगी। जिसमें राज्य के 75 जिले शामिल होंगे। इन सात चरणों में 403 सीटों को कवर किया जाएगा। लड़ाई कृष्ण के खेत से शुरू हुई है क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि अन्याय का विरोध करना होगा। चाहे वह घर के अंदर हो या समाज के बाहर। प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव शारदा प्रताप शुक्ला ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव की रथ यात्रा 'सामाजिक परिवर्तन यात्रा' के नाम से शुरू हो रही है. वृंदावन बिहारी लाल भगवान कृष्ण के दर्शन के बाद इसकी शुरुआत मथुरा से होगी। 12 अक्टूबर को पहले मथुरा से हमारा चुनावी शंख होगा।

12 अक्टूबर को ही जेपी और लोहिया ने सरकार के खिलाफ फूंका था बिगुल
प्रसपा के प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने कहा कि 12 अक्टूबर को जय प्रकाश नारायण और लोहिया जी ने सरकार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी थी। इसलिए हमने इस दिन को चुना। हमारी पार्टी राज्य का सबसे मजबूत संगठन है। हमारे पास हर सीट पर मजबूत उम्मीदवार हैं। 12 अक्टूबर से 27 नवंबर तक यह यात्रा मथुरा वृंदावन से 7 चरणों में शुरू होगी और 27 नवंबर को यात्रा का अंतिम चरण रायबरेली में समाप्त होगा। आज किसान परेशान हो रहा है, किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन बोलने वाला कोई नहीं है। भाजपा सरकार के लोग इतने अहंकारी हो गए हैं कि वे किसानों को वाहनों से कुचलकर मारने जा रहे हैं। भ्रष्टाचार की सरकार चल रही है। केवल नाम बदला जा रहा है क्योंकि वे समझते हैं कि नाम बदलने से विकास होगा।












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