पहली बारिश में धंसा 844 करोड़ की लागत वाला अयोध्या का राम पथ, लोक निर्माण विभाग-जल निगम के 6 इंजीनियर सस्पेंड
Ram Path: उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 किलोमीटर लंबे राम पथ के निर्माण और सैरगाह के नीचे सीवरलाइन बिछाने में घोर लापरवाही के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और उत्तर प्रदेश जल निगम के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रविवार, 23 जून और मंगलवार, 25 जून की रात हुई बारिश के बाद राम पथ के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे।
बारिश के बाद राम पथ के किनारे स्थित लगभग 15 उप-गलियां और सड़कें भी गंभीर रूप से जलमग्न हो गईं। साथ ही वहां के घरों में भी पानी घुस गया। राज्य सरकार ने मामले के संबंध में अहमदाबाद स्थित ठेकेदार फर्म भुवन इंफ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड को भी नोटिस जारी किया है।

बता दें, राम पथ के निर्माण की लागत 844 करोड़ रुपये थी।
विशेष सचिव विनोद कुमार ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता ध्रुव अग्रवाल और सहायक अभियंता अनुज देशवाल को निलंबित करने के आदेश जारी किए। जूनियर इंजीनियर प्रभात कुमार पांडे के निलंबन का आदेश पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता (विकास) वीके श्रीवास्तव ने जारी किया।
उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक राकेश कुमार मिश्र ने अयोध्या में तैनात अधिशाषी अभियंता आनंद कुमार दुबे, सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार यादव और अवर अभियंता मोहम्मद शाहिद को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी एक कार्यालय आदेश में कहा गया है, "राम पथ की सबसे ऊपरी परत बनने के तुरंत बाद क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत किए गए कार्यों में शिथिलता और आम लोगों के बीच राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाता है।"
इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम 7 के तहत ध्रुव अग्रवाल, अधिशाषी अभियंता निर्माण खंड-3 को निलंबित किया जा रहा है। कार्यालय आदेश में कहा गया है कि वह अयोध्या में मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी के कार्यालय से जुड़े रहेंगे।
प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान ने कहा कि मामले की आगे जांच की जा रही है। राम पथ के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तस्वीरें 25 जून को वायरल हो गईं, जिसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।












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