रामलीला में बदमाशों ने रावण को पीटा, राम-लक्ष्मण पर चलाए पत्थर
मिर्जापुर। विजय दशमी के पर्व पर राम-रावण युद्व के बाद रावण का पुतला जलाकर राम के विजय का जश्न मनाया जाता है पर इस बार राम-रावण युद्व से पहले ही रावण की पिटायी हो गयी और राम-लक्ष्मण पर भी ईंट-पत्थर चलने लगे। मिर्जापुर जिले के चुनार थाना क्षेत्र के आचार्य रामजी मंदिर के पास शनिवार की रात श्री राघवेंद्र रामलीला नाट्य समिति की ओर से हो रहे रामलीला मंचन की जहां पर अराजक तत्वों ने रावण के पात्र की जमकर पिटायी कर दी। यहां पर पुलिस के सामने मारपीट होती रही, पर वह हाथ पर हाथ धरे खड़ी रही। यही नहीं मनबढ़ अराजकतत्वों ने राम-लक्ष्मण के पात्रों की झांकी पर भी पत्थर बरसाने लगे। समिति के अध्यक्ष ने रविवार की सुबह दो नामजद समेत 12 के खिलाफ थाने में तहरीर दी।

167 साल पुरानी है रामलीला
वाराणसी के रामनगर की प्रसिद्व रामलीला से 33 साल बाद शुरू हुयी। 167 साल पुरानी श्री राघवेंद्र रामलीला नाट्य समिति की ओर से रात दस बजे रामलीला का मंचन हो रहा था। इस दौरान रावण का पात्र धारण किये गोविंद जायसवाल तलवार भांज रहा था। राम-लक्ष्मण झांकी के पास बैठे थे। तभी दरगाह शहीफ निवासी लालू यादव, स्टेशन रोड निवासी संजय शर्मा अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। वह बैरिकेडिंग फांद कर अंदर चला गया। अंदर जाकर वह रावण के पात्र की पिटायी करने लगे। बीच बचाव करने गये कमेटी के अध्यक्ष चंद्रहास गुप्ता की पिटायी कर दी।
सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी बने रहे मूकदर्शक
रामलीला मंचन के दौरान सुरक्षा में पुलिसकर्मी लगे थे पर किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की। मामला इतना बढ़ गया कि अराजकतत्वों ने राम-लक्ष्मण की झांकी की ओर पत्थर फेंकने लगे। वहां मौजूद कमेटी के लोगों ने पात्रो को सकुशल वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर ले गये। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गयी। रावण के पात्र गोविंद जायसवाल का प्राथमिक उपचार कराया गया। रविवार की सुबह समिति के अध्यक्ष चंद्रहास गुप्ता ने थाने में दो नामजद समेत 12 लोगों के खिलाफ तहरीर दी। कहा कि भरत मिलाप में सुरक्षा प्रदान किया जाय। थाना प्रभारी राजीव सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी।












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