योगी के मंत्री Rakesh Sachan अवैध हथियार केस में दोषी करार, सजा की फाइल लेकर हुए नौ दो ग्यारह

योगी के मंत्री Rakesh Sachan अवैध हथियार केस में दोषी करार, सजा की फाइल लेकर हुए नौ दो ग्यारह

कानपुर, 07 अगस्त: योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को शनिवार 06 अगस्त को कानपुर की एक कोर्ट ने 31 साल पुराने अवैध हथियार मामले में दोषी ठहराया था। अदालत राकेश सचान को सजा सुनाती उससे पहले मंत्री महोदय अपने वकील की मदद से दोषसिद्ध आदेश की मूल प्रति लेकर ही फरार हो गए। अब उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय आलोक यादव के निर्देश के बाद देर शाम पेशकार ने दर्ज कराया है। सजा के आदेश की फाइल लेकर कोर्ट भागने के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश सचान मीडिया की सुर्खियों में आ गए हैं। आइए जानते कौन हैं राकेश सचान।

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    UP के मंत्री Rakesh Sachan फैसला आते ही कोर्ट से भागे, CM Yogi ने किया तलब | वनइंडिया हिंदी |*News
    कौन हैं राकेश सचान

    कौन हैं राकेश सचान

    राकेश सचान, उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के किदवई नगर के रहने वाले हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में सचान ने भोगनीपुर सीट शानदार जीत दर्ज कराई थी। जिसके बाद योगी सरकार ने उन्हें मंत्री पद से नवाजा था। राकेश सचान ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी, जिसके बाद उन्हें भोगनीपुर सीट भाजपा ने चुनावी मैदान में उतारा था। सचान समाजवादी पार्टी से सांसद भी रह चुके हैं और अपनी राजनीति पारी की शुरुआत भी समाजवादी पार्टी से ही की थी।

    फतेहपुर सीट जीते के बाद बने थे मुलायम सिंह के बेहद करीबी

    फतेहपुर सीट जीते के बाद बने थे मुलायम सिंह के बेहद करीबी

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राकेश सचान को शिवपाल सिंह यादव के कहने पर मुलायम सिंह ने 2009 में फतेहपुर लोकसभा सीट से कैंडिडेट बनाया गया था। इस दौरान बसपा के महेंद्र प्रसाद निषाद को राकेश सचान ने लगभग एक लाख वोटों से हरा दिया था। इस जीत के बाद राकेश सचान मुलायम सिंह और शिवपाल सिंह के बेहद करीबी बन गए थे। इतना ही नहीं, साल 1993 और 2002 में राकेश सचान घाटमपुर विधानसभा से विधायक भी रह गए थे।

    सजा की फाइल लेकर फरार हुए सचान

    सजा की फाइल लेकर फरार हुए सचान

    दरअसल, साल 1991 में राकेश सचान के पास से राइफल बरामद हुई थी, जिसका वह लाइसेंस नहीं दिखा सके थे। इस संबंध में उनके खिलाफ नौबस्ता पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसी केस (729/1991) में शनिवार को कानपुर की अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट-3 की अदालत में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने सचान को दोषी ठहराया। लेकिन इस मामले में नया मोड़ उस वक्त आ गया जब राकेश सचान दोष सिद्धि आदेश की फाइल लेकर ही अदालत से फरार हो गए।

    सामने आए यह दो अलग-अलग बयान

    सामने आए यह दो अलग-अलग बयान

    आजतक की खबर के मुताबिक, इस घटना क्रम के बाद दो अलग-अलग बयान सामने आए है। सचान के वकील की तरफ से कहा गया है कि राकेश सचान बीमारी होने की वजह से ले गए, जबकि खुद मंत्री दावा किया कि केस में तारीख मिलने वाली थी, इसलिए वह अदालत से निकल आए। उनका कहना था कि अंतिम फैसले के लिए कोई मामला सूचीबद्ध नहीं था। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सचान ने गुपचुप तरीके से कोर्ट कक्ष छोड़ने के आरोपों से साफ इनकार किया।

    सामजवादी पार्टी ने साधा निशाना

    सामजवादी पार्टी ने साधा निशाना

    समाजवादी पार्टी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, 'यूपी में कंठ तक भ्रष्टाचार में डूबे भाजपाई! योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को 35 साल पुराने चोरी के मामले में कोर्ट ने सुनाई सज़ा। सज़ा सुनते ही कोर्ट से भाग निकले मंत्री महोदय। शर्मनाक! यही है भाजपाइयों का असली चरित्र। मंत्री से तत्काल इस्तीफ़ा लें मुख्यमंत्री।' इतना ही नहीं, अखिलेश यादव ने भी लिखा है कि, 'भाजपा के मंत्री के साथ-साथ फ़रार आईपीएस को भी ढूँढ लीजिएगा।'

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