'मेरे ऊपर लगे सारे आरोप राजनीतिक हैं', सुल्तानपुर कोर्ट में बोले राहुल गांधी, अमित शाह से जुड़ा है मामला
Rahul Gandhi Sultanpur Court: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार 20 फरवरी को सुल्तानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुुए। यह पेशी 2018 में दर्ज एक मानहानि मामले से जुड़ी है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप है। अदालत पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि यह राहुल गांधी को दिया गया अंतिम अवसर है।
राहुल गांधी ने अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। राहुल तय समय पर कोर्ट पहुंचे और करीब 20-30 मिनट तक वहां मौजूद रहे।

राहुल गांधी कोर्ट में बोले- 'मुझ पर लगे सारे आरोप राजनीतिक वजहों से हैं'
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने साफ कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप राजनीतिक वजहों से लगाए गए हैं। उनके वकील काशी प्रसाद शुक्ला के मुताबिक, राहुल ने अदालत में कहा कि इस केस का कोई ठोस आधार नहीं है और यह दुर्भावना से प्रेरित है। वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय भी कोर्ट में मौजूद रहे।
वकीलों के मुताबिक कोर्ट रूम में पहुंचते ही राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर नमस्कार किया। सुनवाई खत्म होने पर उन्होंने धन्यवाद भी कहा। जज ने उनसे पूछा कि क्या वे अपनी सफाई में कुछ कहना चाहते हैं, इस पर राहुल ने 'हां' में जवाब दिया। अदालत ने अब इस मामले में सफाई सबूत के लिए अगली तारीख 9 मार्च तय की है।
राहुल गांधी कोर्ट की कार्यवाही के बाद रामचेत मोची के परिवार से क्यों मिले?
कोर्ट की कार्यवाही के बाद राहुल गांधी सीधे शहर में रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। वहां उन्होंने उनके परिवार से मुलाकात की। रामचेत की पोती श्रद्धा को राहुल ने गोद में उठाया। बच्ची के पैर में चोट देखकर उन्होंने हालचाल पूछा। परिवार ने बताया कि जख्म ठीक नहीं हो रहा है। इस पर राहुल ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से बच्ची के इलाज की व्यवस्था कराने को कहा।
रामचेत मोची का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। करीब डेढ़ साल पहले राहुल गांधी उनकी दुकान पर बैठे थे और उनके साथ जूते भी सिले थे। बाद में उन्होंने रामचेत को सिलाई मशीन भी भिजवाई थी। इस मुलाकात के जरिए राहुल ने एक बार फिर उसी परिवार से जुड़ाव दिखाया, जिसकी कहानी पहले भी सुर्खियों में रही थी।
लखनऊ से सुल्तानपुर तक सियासी हलचल
राहुल गांधी 20 फरवरी की सुबह लखनऊ पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत के बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से मोहनलालगंज और रायबरेली होते हुए सुल्तानपुर के लिए रवाना हुआ। उनके आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में दिखा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
यह मामला करीब आठ साल पुराना है। कर्नाटक में एक प्रेस वार्ता के दौरान अमित शाह पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्र ने दीवानी अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था। उसी प्रकरण की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही है।
अदालत ने राहुल गांधी क्यों दिया था 'लास्ट चांस' (Rahul Gandhi Defamation Case Update)
इस मामले में राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को अदालत में पेश हुए थे। उसके बाद तय तारीखों पर वे उपस्थित नहीं हो सके। पिछली सुनवाई के दौरान उनके वकील काशी प्रसाद शुक्ल ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि राहुल गांधी केरल में हैं और समय देने का अनुरोध किया था।
19 जनवरी को भी जब वे अदालत में हाजिर नहीं हुए, तब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया और इसे अंतिम अवसर बताया। आज की सुनवाई में राहुल गांधी अदालत में अपना बयान दर्ज कराएंगे।
कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि राहुल गांधी न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए पेशी के लिए जा रहे हैं और पार्टी के सभी कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक दुर्भावना के तहत झूठे और फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अदालत से निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद है। सुल्तानपुर में आज की सुनवाई सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि अदालत में राहुल गांधी का बयान इस लंबे समय से चल रहे मामले को किस दिशा में ले जाता है।












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