अमेठी में राहुल, जनता ने कहा - नहीं कामयाब होंगी स्मृति ईरानी
अमेठी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करते ही लोगों में नई जान पैदा हो गई है। लोगों और कांग्रेसियों का दावा है कि दुबारा 2019 में भी केंद्रीय मंत्री अमेठी से कामयाब नहीं हो पाएंगी। गुरुवार को अपने दौरे के दूसरे दिन क़रीब 8 बजे सुबह से दिन के क़रीब 1 बजे तक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र के मुंशीगंज गेस्ट हाउस में जनता दरबार लगाया और एक-एक कर लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। कई महीनों के बाद सांसद को अपने बीच पाकर लोगों का समूह उमड़ पड़ा।

'प्रशासन कांग्रेसियों की नहीं सुनता'
इस बीच लोगों ने राहुल गांधी को बताया कि कांग्रेस से जुड़े होने के नाते स्थानीय प्रशासन उनकी सुनता नहीं है। आमतौर से कांग्रेस वर्कर और कांग्रेस से जुड़े आम आदमी को प्रशासन प्रताडित करता है। कांग्रेसियों और आम जनमानस के अलावा मुंशीगंज हास्पीटल के डाक्टर और कर्मचारियों ने राहुल से मुलाकात की। उन्होंने राहुल से वेतन आदि समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, इस पर राहुल ने उन्हें आश्वस्त किया।
बच्चों के इलाज के लिए माओं ने लगाई गुहार
वहीं महीनों के बाद राहुल को अपने बीच पाकर बहुतेरे लोग अपनी निजी समस्या को भी लेकर राहुल से मिले। इस दौरान वो महिलाएँ राहुल से मिली जिनके बच्चों को गम्भीर बीमारियों ने घेर रखा था, उन्होंने राहुल से इलाज में मदद दिलाए जाने की गुहार लगाई। जिस पर राहुल ने अपने प्रतिनिधि चंद्रकांत दुबे से सभी के नाम नोट करने का निर्देश दिया।

'राष्ट्रीय नेता हैं राहुल इसलिए आने में हुई देर'
कांग्रेसी खासकर आम आदमी राहुल से मिलने के बाद गदगद रहा और 2019 में स्मृति ईरानी को सबक सीखाने के लिए कटिबद्ध रहा। लोगों का कहना है कि कांग्रेस और गांधी परिवार ने हमेशा सुख-दुःख में साथ दिया है इसलिए हम इनको नहीं छोडेंगे। लोगों ने कहा कि इस बार ही राहुल गांधी को अमेठी आने में देर हुई है वरना वो हर दूसरे महीने यहां पहुंचते थे। लोगों ने कहा कि राहुल एक राष्ट्रीय नेता हैं ऐसे में ये देर हो सकती है। लोगो ने कहा कि स्वयं राहुल गांधी इसी दूरियों की खाई को पाटने ही के लिए आए हैं।

आंगनबाड़ियों ने रोका राहुल का काफिला
18 दिनों से वेतन बढ़ाने आदि मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गेस्ट हाउस पहुंचकर राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल ने उन्हें भरोसा दिलाया। राहुल ने कहा कि वो इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने राहुल को धरने में शामिल होने का न्योता दिया। बाद में जब राहुल का काफिला निकला तो आंगनबाड़ियो ने काफिले को रोक लिया।

अमेठी दौरे के बाद बीएचयू जा सकते हैं राहुल
उधर राहुल की सिक्योरिटी में लगी एसपीजी ने हाई सिक्योरिटी अभियान चलाया। सिक्योरिटी ने आमजन और कांग्रेसियों के मोबाइल जमा कराए और खाली हाथ अंदर जाने की हिदायत दी। इस बीच एनएययूआई संगठन के पदाधिकारियों से भी राहुल गांधी मिले। संगठन ने शिक्षा के गिरते हुए स्तर पर चर्चा किया और छात्र संघ चुनाव में आए दिन हो रही हत्या पर छात्र अधिकार कानून लाने की मांग रखी। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ ने बीएचयू मामले को उठाया। राहुल ने कहा कि हम देख रहे हैं, अमेठी दौरे के बाद बीएचयू का दौरा करेंगे।

बीजेपी ने किया विरोध, राहुल गांधी वापस जाओ के लगाए नारे
उधर एक बार फिर राहुल का अमेठी में विरोध हुआ और ये विरोध बीजेपी की ओर से किया गया। गौरीगंज में एसपी आवास के पास तीन दर्जन भाजपाईयों ने आशीष शुक्ला के नेतृत्व में राहुल का काफिला निकलते समय लगाया नारा 'राहुल गांधी वापस जाओ'।












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