इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज किया जाएगा रायबरेली के लाल कुलदीप सिंह का नाम

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के भदोखर थाने के मोहम्मद शरीफ गांव के अजयपाल सिंह उर्फ कुलदीप सिंह की शहादत पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। कुलदीप राजपूताना रेजीमेंट का जवान था और जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात था। गुरुवार की रात करीब 11 बजे आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने से अजय शहीद हो गया था। उसका शव गांव पहुंचने के बाद से पूरा गांव गम में डूब गया। शहीद सैनिक कुलदीप की इसी साल 12 जून को शादी हुई थी। उसके निधन की सूचना आने के बाद से उसकी पत्नी और मां गहरे सदमें में है।

इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज किया जाएगा रायबरेली के लाल कुलदीप सिंह का नाम

रात दो बजे आई बेटे की शहादत की खबर

घटना की रात उसकी डयूटी अखनूर सेक्टर में थी, जहां आतंकियों से उनकी सैन्य टुकड़ी की मुठभेड़ हो गई। आमने-सामने हुई फायरिंग में गोली लगने से अजयपाल की मौत हो गई। घटना रात 11 बजे की बताई गई है। रात में दो बजे पिता के मोबाइल पर अखनूर से सूचना आई कि आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में अजय शहीद हो गया है। संदीप की मां शारदा देवी दिल की मरीज है जिस वजह से उस वक्त उन्हें ये खबर नही बताई गई। पूरे घर में मातम का माहौल है और गांव में सन्नाटा छाया हुआ है। अजय के चचेरे भाई संदीप सिंह केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में है और उनकी पोस्टिंग अनन्तनाग में है। वह 25 दिन की छुटटी पर गांव आए हुए हैं।

इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा रायबरेली के लाल कुलदीप सिंह का नाम

घर में सबसे छोटे थे शहीद कुलदीप
शहीद जवान अजय पाल सिंह चार भाईयों सरदार सिंह, कप्तान सिंह और प्रदीप सिंह में अजय पाल सिंह सबसे छोटा था। उसे छात्र जीवन से ही फौज में भर्ती होने की धुन सवार थी। उसने कड़ी मेहनत और पढाई करके फौज की तैयारी की। 22 जून 2013 को उसे उसकी मंजिल मिल गई और अमेठी भर्ती केंद्र के जरिए वह राजपूताना रेजीमेंट में भर्ती हो गया।

अभी तो हाथों की मेहंदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था
अजय पाल सिंह उर्फ कुलदीप सिंह की मौत इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज हुई है। परंतु उसकी पत्नी लता सिंह के लिए यह ऐसा दुखद हादसा है, जिसके शायद ही कभी भर सकेंगे। तीन महीने पहल ही अजय और लता की शादू हुई थी। इसी साल 12 जून को उनकी शादी हुई थी। फौजी पति के साथ लता बहुत खुश थी। कुलदीप के ड्यूटी पर वापस जाने के बाद लता वापस अपने मायके ताला गोपालपुर भदोखर में ही थी। शुक्रवार को वह दोबारा अपनी ससुराल पहुंची तो उसके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

सीएम योगी के आने पर ही करेंगे बेटे का अंतिम संस्कार
जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में गुरुवार की रात आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सैनिक अजय सिंह के पिता रामसिंह ने कहा कि वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार तभी करेगें जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंतिम संस्कार में शहीद होंगे। जब तक मुख्यमंत्री नही आएगें वे बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगें। साथ ही इस घटना से पूरे गांव मे शोक की लहर छा गई है।

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