मथुरा मर्डर: 6 बदमाशों से मुठभेड़ पर पुलिस की कहानी पर उठे सवाल
बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने डबल मर्डर का खुलासा तो किया लेकिन उसकी कहानी पर ऐसे सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब वो दे नहींं पा रही।
मथुरा। यूपी के मथुरा में ज्वेलर्स की दुकान में घुसकर छह बदमाशों ने आतंक मचा दिया था, दो लोगों का कत्ल किया, दो लोगों को घायल किया और फिर करोड़ों रुपए की लूट कर फरार हो गए। 4 दिन से मथुरा पुलिस बदमाशों को ढूंढने में लगी थी। यूपी एसटीएफ भी बदमाशों की तलाश कर रही थी। पूरे यूपी में उन्हें खोजा जा रहा था लेकिन बदमाश वारदात की जगह से महज 500 मीटर की दूरी पर और मथुरा कोतवाली के चंद कदमों की दूरी पर छुपे हुए थे। मथुरा पुलिस को 500 मीटर दूर पहुंचने में 100 घंटे लग गए। मथुरा पुलिस ने कड़ी घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ लिया लेकिन इसके बाद पुलिस शक के दायरे में खड़ी हो गई।
सवालों के घेरे में पुलिस की कहानी
पुलिस के अनुसार बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस ने चौबिया पहाड़ा से मुठभेड़ में छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में बदमाशों से 315 बोर के चार तमंचों से फायर किया। मुठभेड़ में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की तरफ से फायरिंग में छर्रा लगने से 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि 315 बोर के तमंचे से सिर्फ बुलेट ही निकलती है तो 315 बोर के तमंचे से छर्रा केसे निकला?
बदमाश वारदात करने कैसे आए थे? एसएसपी ने बताया कि बदमाश मोटरसाइकिल पर नहीं आए थे जबकि एसपी सिटी दो मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा बरामद बता रहे हैं और वहीं बदमाशों का कहना है कि हमारी तीन बाइक थीं। सवाल यह उठता है कि बदमाश वारदात करने आए कैसे थे?
पुलिस का दावा है कि 6 के 6 अपराधी मथुरा जिले के रहने वाले हैं। वही बदमाशों का कहना है कि 3 बाइक पर बाहर के लोग आए थे। माल को वही ले गए। अब सवाल उठता है कि बाकी अपराधी कहां हैं, कौन हैं?

कोतवाली के पास छुपे हुए थे अपराधी
सोमवार की देर शाम मथुरा शहर के बीचों बीच हुई लूट और दो व्यापारियों की हत्या के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में जहां 3 बदमाश घायल हुए है वहीं 7 पुलिसकर्मी भी घायल हैं। गिरफ्तार किए गए बदमाशों से पुलिस ने वारदात में प्रयोग किये गए हथियार और लूटी गई ज्वेलरी बरामद की है। बदमाश घटना स्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर ही छुपे रहे।

सीसीटीवी में कैद हुई थी पूरी वारदात
मथुरा पुलिस की गिरफ्त में आए ये शातिर बदमाश है राकेश उर्फ रंगा, नीरज , कामेश उर्फ चीनी , आयुष ,विष्णु उर्फ छोटूऔर आदित्य है। इन शातिर बदमाशों ने सोमवार की देर शाम मथुरा शहर के बीचों बीच होलीगेट के पास कोयला गली में सराफा व्यवसाई मयंक अग्रवाल के शो रूम पर लूट के इरादे से हमला बोल दिया था। इस वारदात में बदमाश ज्वेलरी ले जाने के अलावा दो व्यापारी विकाश अग्रवाल व मेघ की गोली मारकर हत्या भी कर गए थे। यह दुस्साहसिक वारदात सीसीटीवी में कैद हो गयी । इस वारदात के बाद उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे। इसके साथ ही विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमला कर रहा था।

लूटी गई ज्वैलरी और सामान बरामद
इस मुद्दे पर हो रही किरकिरी को देखते हुए सरकार ने पुलिस को जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। खुद डीजीपी यहां पहुंचे और उन्होंने इस वारदात के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के आदेश मथुरा पुलिस को दिए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए मथुरा पुलिस ने शनिवार की सुबह मथुरा के ही चौविया पाड़े में एक मकान को घेर लिया और सीसीटीवी के आधार पर पहचान में आये राकेश उर्फ रँगा और उसके साथियों को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन रंगा ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में जहां पुलिस की तरफ से 7 पुलिस कर्मी घायल हो गए वहीं 3 बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गए। इन बदमाशों में से नीरज की हालत गम्भीर बनी हुई है। पुलिस ने इनके पास से 1 पिस्टल , 4 तमंचा , व एक चाकू के अलावा कारतूस व 7 मोबाइल भी बरामद किए है । वहीं लूटी गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली है ।
वारदात का मास्टरमाइंड है रंगा
पकड़े गए बदमाश राकेश इतना शातिर है कि वह 3 साल से हत्या के मामले में फरार चल रहा है और पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही थी। राकेश उर्फ रंगा अपने सगे भाई बिल्ला, नीरज और चीनी के साथ मिलकर शहर में रंगदारी, लूट और हत्या की वारदातों को अंजाम देता था और अपने गढ़ चौविया पाड़े में छुप जाया करता था। रंगा का भाई बिल्ला 2013 में हुए हत्याकांड के मामले में पहले से ही जेल में है । पुलिस ने इन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद जिस रत्न कुंड चौविया पाड़े इलाके में पकड़ा, वह इलाका वारदात स्थल से मात्र 500 मीटर की दूरी पर था और शहर कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर।
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