अयोध्या में किसान पंचायत में शामिल हो सकती हैं प्रियंका गांधी, रामलला के दर्शन के साथ ही करेंगी चुनावी आगाज
लखनऊ, 26 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सारी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई हैं। इस बीच खबर है कि यूपी की कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी शुक्रवार को अयोध्या में आयोजित एक किसान पंचायत में शामिल होने जा सकती हैं। हालांकि अभी प्रदेश का कोई भी नेता इस कार्यक्रम को लेकर बोलने को तैयार नहीं है। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में वह अयोध्या पहुंचीं थीं लेकिन वह रामलल के दर्शन करने नहीं गईं थीं।

दरअसल, कांग्रेस की तरफ से पूरे यूपी में किसान पंचायत कार्यक्रमों का अयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन के बाद सरकार के खिलाफ पैदा हुए आक्रोश को भुनाने के लिए कांग्रेस इन कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कांग्रेंस सूत्रों की माने तो प्रियंका यदि अयोध्या पहुंचती हैं तो यह एक तरह से कांग्रेस के विधानसभा चुनाव का आगाज ही होगा। प्रियंका गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार यूपी कांग्रेस को बदलने का प्रयास कर रही हैं। प्रियंका ने पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले अजय कुमार लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया लेकिन वह संगठन के लिए कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के लिए किया था रोड शो
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी इससे पहले लोकसभा चुनाव में निर्मल खत्री के चुनाव प्रचार में रोड शो करने पहुंची थीं। उस समय वह रामलला के दर्शन करने नहीं गईं थीं क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन था लेकिन अब राम मंदिर निर्माण पर फैसला आ चुका है लिहाजा वह रामलला का दर्शन करने भी जा सकती हैं। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हैं लेकिन अभी कार्यक्रम नहीं आया है।

राम मंदिर के भूमि पूजन के दौरान प्रियंका ने किया था ट्वीट
पिछले साल पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन किया था। भूमि पूजन से एक दिन पहले प्रियंका ने अपने एक ट्वीट में लिखा था कि,
''प्रियंका ने ट्वीट किया, सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं। भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने।''
यूपी में कांग्रेस के सामने सियासी वजूद बचाने की चुनौती
यूपी विधानसभा चुनाव में अभी करीब सात महीने का समय बचा है। ऐसे में कांग्रेस ने हालांकि अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि किसके साथ गठबंधन होना है या नहीं होना है। प्रिंयका इस बात को कई बार कह चुकी हैं कि गठबंधन के रास्ते हमेशा खुले हैं। हालांकि प्रदेश के पदाधिकारियों का माना है कि पार्टी को यह साफ करना चाहिए कि गठबंधन होगा या नहीं। एक बार स्थिति स्पष्ट होने पर कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगा नहीं तो चुनाव से ठीक पहले गठबंधन की घोषणा से पार्टी का ही नुकसान होगा।
कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि अभी प्रियंका जी का कार्यक्रम नहीं आया है। जैसे ही इस बारे में जानकारी मिलेगी आप लोगों को सूचित किया जाएगा।












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