बलरामपुर: जेल में कैदी की पिटाई के बाद हुई मौत, जेल हेड सहित तीन पर मुकदमा दर्ज
बलरामपुर। यूपी के बलरामपुर में जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी की जेल में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बंदी की मौत के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल व पुलिस प्रशासन ने मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किया और बंदी की मौत का कारण बीमारी बताया। वहीं, बंदी की मौत से नाराज तमाम बंदियों ने जेल से लेटर जारी कर बताया कि जेल हेड, फार्मशिस्ट व एक सिपाही ने बीमारी की हालत में बंदी धर्मराज की जमकर पिटाई की जिससे उसने दम तोड़ दिया। बंदियों का लेटर वायरल होने के बाद जेल हेड सहित 3 पर केस दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला बलरामपुर जिला कारागार का है। यहां जेल में निरुद्ध धर्मराज पुत्र मोतीलाल को रेहरा थाने की पुलिस ने अवैध शराब बनाने के दौरान संयंत्र सहित गिरफ्तार किया था। 20 जुलाई को पुलिस ने उसे जेल भेजा था। 22 जुलाई को सुबह करीब 7:35 बजे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौत के बाद बंदियों ने जेल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, एडीएम रामानुज, एसडीएम सहित भारी पुलिस बल के साथ जिला कारागार पहुंच कर हंगामा शांत कराया। मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने जिला कारागार में निरुद्ध धर्मराज की मौत बीमारी से होना बताया और बंदियों के हंगामे को उनकी व्यक्तिगत समस्या से जोड़ दिया था।

जेल में चश्मदीद बंदी रोमी गुप्ता के वकील उसी दिन उससे मिलने जेल गए थे, जहां पर बंदी ने अधिकारियों को दी गई तहरीर उन्हें दी, जिसके बाद मामले का खुलासा हो सका। लेटर में दर्जनों बंदियों ने जेल हेड चीफ श्याम मनोहर, सिपाही राधेश्याम सत्यार्थी व फार्मशिस्ट अशफ़ाक पर सीधा आरोप लगते हुए बीमारी की हालत में बंदी धर्मराज को बैरेक न-9 से निकाल कर पीटने व उसकी हत्त्या का आरोप लगाया है और स्वयं को चश्मदीद बताया है जिसके बाद लेटर वाइरल हो गया और प्रशासन पर मीडिया व उच्चाधिकारियों के बढ़ते दबाव में कोतवाली देहात पुलिस को जेल हेड सहित 3 पर मजबूरन मुकदमा दर्ज करना पड़ा।












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