मिर्जापुर में पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
मिर्जापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरी चरण के लिए भाजपा के लिए मांगा जनसमर्थन
मिर्जापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिर्जापुर में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी का चुनाव सपा-बसपा और कांग्रेस से मुक्ति का पर्व है। उन्होंने कहा कि अगर यूपी अलग देश होता हो तो दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा देश कहा जाता, ऐसे में अगर यूपी से बेरोजगारी, बीमारी, गरीबी मिट जाए तो हिंदुस्तान में गरीबी के लिए कुछ भी नहीं करना पड़ेगा, हिंदुस्तान अपने आप आगे बढ़ जाएगा, अकेला उत्तर प्रदेश इतनी ताकत रखता है।


बेटे ने पिता का काम पूरा नहीं किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 साल पहले उत्तर प्रदेस में मुलायम सिंह ने बरेली और मिर्जापुर के बीच गंगाजी पर एक ब्रिज का शिलान्यास किया था लेकिन आजतक पूरा नहीं हो सका है। हमारे यहां गरीब से गरीब बेटा भी पिता ने अगर कोई काम शुरु किया हो तो उसे पूरा करता है, कर्ज लेकर भी उस काम को पूरा करता है। कैसे लोग हैं जो बातें काम की करते हों, लेकिन अपने पिता के इरादों को भी पूरा नहीं करते हैं, वह जनता जनार्दन का भला क्या करेंगे। पीएम ने कहा कि जो खुद अपना काम नहीं बता पा रहे हैं, सिर्फ काम बताने का ढोल पीटने का फैशन बना लिया है।
आजकल अखिलेश मुझे काम बताने लगे हैं
अखिलेश जी मुझे भी आजकल काम बताते हैं, यह उनका हक है, मैं यहां का सांसद हूं, और यह मेरा कर्तव्य है कि उस काम को करूं। अखिलेशजी ने कहा कि मोदीजी तार पकड़कर बताओ कि बिजली आती है कि नहीं। लेकिन आपके अपने यार खाट सभा करने निकले थे और लोग खटिया उठा-उठाकर ले गए थे क्योंकि जनता को मालूम था कि यह उन्ही का माल है। लोग जब खाट लेकर गए तो 14 सितंबर 2016 को मनिहार में राहुलजी की खाट सभा थी, वहां पर उनका हाथ एक बिजली के तार पर लग गया, तो गुलाम नबी आजाद परेशान हो गए कि कुछ गड़बड़ ना हो जाए, तो वह चिल्लाए अगर तार पर हाथ लग गया तो कुछ गड़बड़ हो सकती है, उस वक्त राहुल ने कहा था कि यह यूपी है यहां तार है पर उसमें बिजली नहीं होती है। इसी मिर्जापुर में आपके यार का इकरार किया हुआ बयान है, ऐसे में मुझे तार छूने की जरूरत है क्या।

11 मार्च को लगेगा करंट
पीएम ने कहा कि अखिलेशजी आपने ऐसा तार बिछाकर रखा है कि 11 मार्च को सपा-बसपा-कांग्रेस तीनों को करंट लगने वाला है। आप लोगों ने जो जनता को लूटा है उसका जवाब 11 मार्च को मिलने वाला है। अखिलेश कहते थे कि हम तो यहां कटिया डालने से भी नहीं डरते हैं, अब खटिया और कटिया दोनों का फैसला होने वाला है।
चुन-चुनकर साफ करना है
पीएम ने कहा कि यह बहनजी मिर्जापुर से पत्थर ले गई, लेकिन जब जांच शुरु हुई तो बोलीं की यह पत्थर राजस्थान से लाया गया है, आप बताइए कि क्या आपको मिर्जापुर के पत्थरों से इतनी नफरत है कि आप बताना भी नहीं चाहती हैं। जिनको मिर्जापुर के पत्थरों से नफरत हो ऐसे लोग मिर्जापुर के वोट के अधिकारी हैं क्या। 13 साल हो गए अगर पत्थरों को तोड़कर पुल बनाया होता तो लोगों ने इन्हें अपने सिर पर बैठा लिया होता। अगर सैफई में पुल बनना होता तो क्या 13 साल का इंतजार करना पड़ता, अगर मूर्तिया बनानी होती तो 13 महीने भी इंतजार करना होता क्या, ऐसे में इन लोगों को चुन-चुनकर साफ करना होगा।

उद्योग-रोजगार चौपट
मिर्जापुर में पीतल के उद्योग को बर्बाद करके रख दिया गया है, यहां के होनहार नौजवान को रोजगार नहीं मिलता, इसका कारण है भाई-भतीजावाद, भर्ती में धांधली। इलाहाबाद कोर्ट ने इनकी हरकतों को रोका और बार-बार डांटा लेकिन ये ऐसे नशे में चूर हैं कि भ्रष्टाचार और गलत कामों की ऐसी आदत लग गई और अपनी आदतों से बाज नहीं आते।
नजराना, शुकराना, हकराना और जबराना
यहां हर चीज का रेट लगा है, पेंशन देने, सरकारी योजना का लाभ लेने, राशन के लिए कितना पैसा देना होगा यह तय है। मैं जब यूपी के भ्रष्टाचार को सुनता हूं तो मुझे अशोक चक्रधर की कविता याद आती है, उन्होंने कहा है कि चार प्रकार के भ्रष्टाचार बताए हैं नजराना, शुकराना, हकराना और जबराना। ये चार प्रकार के भ्रष्टाचार से यूपी में लोगों की लेने की आदत हो गई है और लोगों को देना मजबूरी बन गई है। इन सब की मुक्ति का एक ही उपाय है हराना। उनके पास अबतक चार प्रकार थे, लेकिन अब आपके पास एक प्रकार है हराना, सपा-बसपा-कांग्रेस को हराना।

पर्यटन की अपार संभावनाएं
विंध्याचल की धरती पर्यटन का क्षेत्र बन सकती है, लेकिन यहां की सरकार को ना पर्यटन और ना ही विकास की चिंता है। यह ऐसा सरल उद्योग है कि कम से कम पैसों से ज्यादा से ज्यादा पैसा कमा सकते हैं। अगर टूरिस्ट आने लग जाए तो फूल बेचने वाला भी, टैक्सी वाला, रिक्शावाला, बिस्कुट वाला, चायवाला भी कमाएगा। यहां एडवेंचर, तीर्थ क्षेत्र आदि की संभावना है। विकास अगर सही सोच के साथ किया जाए तो मिर्जापुर का यह इलाका भी आगे बढ़ सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश को बढ़ाना होगा
यूपी के पश्चिमी क्षेत्रों में कोई ना कोई विकास जरूर दिखता है, लेकिन पूर्वी में लोगों को रोजी रोटी कमाने के लिए पश्चिम जाना पड़ता है। यहां खनिज, मानव संपदा और पानी है लेकिन सही सरकार नहीं होने की वजह से सबकुछ तबाह कर दिया है। अगर भारत को आगे बढ़ाना है तो पूर्वी हिंदुस्तान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल को आगे बढ़ाना पड़ेगा, तब जाकर प्रगति होगी। हम गुजरात से 2500 किलोमीटर की पाइपलाइन लेकर आ रहे हैं, ताकि गैस के आधार पर उर्जा मिले, कारखाने चले ताकि लोगों को रोजगार मिले। बड़े शहरों और घरों में नलके से जैसे पानी आता है वैसे ही गैस आएगी, हम इस काम को अपने ही कार्यकाल में पूरा करके दिखाएंगे।

मां-बहनों को सम्मान का अधिकार
जब हमारी सरकार बनी तो हमने कहा कि आजादी के 70 साल हुए तो भी हमारी मां-बहने शौच के लिए घर से बाहर निकलती है, उसे डर रहता है कि कहीं जंगल में जाते समय कुछ गड़बड़ नहीं हो जाए, क्या हमारी मां बहनें सम्मान की की हकदार नहीं है, मैंने लाल किले से कहा कि मैं अपनी मां-बहनों के लिए शौचालय बनाना चाहता हूं, शौचालय बने, बनाने वालों को रोजगार मिला, काम अगर हम तय करें तो समाज भी हमारे साथ चलने को तैयार होता है।
1.80 करोड़ गरीबों को मुफ्त में गैस चूल्हा दिया
मैंने लोगों से गैस सिलेंडर छोड़ने की अपील की तो करोड़ों लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी। अगर देश के नागरिक को सरकार की ईमानदारी पर भरोसा हो तो वह आगे बढ़कर सरकार के साथ चलने को तैयार है। मैंने कहा था कि आने वाले तीन सालों में पांच करोड़ गरीब माताएं जिनके घर में लकड़ी का चूल्हा जलता है, तो पूरा घर धुंए से भर जाता है और उसके शरीर में हर रोज 400 सिगरेट का धुंआ जाता है, अगर गरीब मां के शरीर में 400 सिगरेट का धुंआ जाएगा तो उसकी तबियत का हाल क्या होगा। क्या हमें उसे ऐसे मरने देना चाहिए, हमने 1.80 लाख गरीब परिवारों के घर जाकर मुफ्त में गैस का चूल्हा और गैस का कनेक्शन दे दिया है। गरीब के लिए काम कैसे होता है यह हमने करके दिखाया है।












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