Prayagraj News: जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, पार्टी के बाद लौटते वक्त सड़क हादसे ने ली 4 दोस्तों की जान
Prayagraj News: प्रयागराज में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने चार दोस्तों की जिंदगी छीन ली। जन्मदिन की खुशियां कुछ घंटों पहले तक गूंज रही थीं लेकिन रात होते-होते यह महफिल मातम में बदल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम है।
बताया जा रहा है कि तेलियरगंज के रहने वाले शनि, गोलू, आदर्श और आशुतोष बचपन से गहरे दोस्त थे। गोलू का जन्मदिन था इसलिए चारों ने घर पर ही पार्टी रखी थी। केक काटने और जश्न के बाद वे बाइक से शोभायात्रा देखने के लिए निकले थे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही उनकी बाइक ओल्ड कैंट स्कूल के पास पहुंची अचानक नियंत्रण बिगड़ गया। बेकाबू बाइक बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि चारों युवक सड़क पर दूर-दूर जा गिरे।
रात में ही तीन की हो गई थी मौत
हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना देने के साथ ही चारों घायलों को एम्बुलेंस से एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों ने तीन युवकों को रात में मृत घोषित कर दिया जबकि चौथे की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस द्वारा बताया गया कि हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। प्राथमिक जांच में पता चला है कि युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था। अधिकारियों का कहना है कि यदि हेलमेट लगाए होते और बाइक की स्पीड कम होती तो यह हादसा नहीं हुआ होता।
अंधेरे के चलते बिगड़ गया संतुलन
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के वक्त सड़क की स्ट्रीट लाइट बंद थी। लोगों का आरोप है कि स्ट्रीट लाइट बंद होने से सड़क पर अंधेरा था और अंधेरे के कारण ही उनकी बाई का नियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई जिसके चलते यह हादसा हो गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान सड़क पर रौशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। लोगों ने यह भी कहा कि यदि स्ट्रीट लाइट जल रही होती तो उजाला होने के कारण यह हादसा नहीं हुआ होता। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
आदर्श कक्षा 12 का छात्र था और घर का इकलौता बेटा था। उसके पिता का निधन एक साल पहले सड़क दुर्घटना में हो चुका था। अब मां और बहनों का सहारा भी चला गया। परिवार सदमे से उबर नहीं पा रहा है।
गोलू मजदूर परिवार से था। पिता दिहाड़ी मजदूरी कर घर का खर्च चलाते हैं। शनि दसवीं का छात्र था और उसके पिता ई-रिक्शा चलाते हैं। दोनों परिवारों के लिए यह हादसा बेहद भारी साबित हुआ।
नारियल पानी बेचता था आशुतोष
सबसे बड़े आशुतोष ने घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा रखी थी। वह नारियल पानी बेचकर परिवार का खर्च संभालता था। पढ़ाई में अव्वल आशुतोष ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था और एसएससी की तैयारी कर रहा था।
आशुतोष के पिता का कहना है कि छह बेटों में सबसे जिम्मेदार वही था। उसका सपना था सरकारी अफसर बनने का। परिवार का कहना है कि उसकी मौत से न सिर्फ घर का सहारा टूटा बल्कि सपनों की डोर भी टूट गई।
फिलहाल इस बारे में शिवकुटी थाना प्रभारी द्वारा बताया गया कि हादसे में चार युवकों की मौत हुई है। बाइक खंभे से टकराने के चलते चारो गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी जांच की जा रही है।












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