महाकुंभ में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, मौनी आमवस्या से पहले इतने करोड़ भक्तों ने किया स्नान, जानें कुल आंकड़ा
Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंगलवार को मकर संक्रांति के बाद अब तक का सबसे बड़ा स्नान दिवस रहा, जब 4.64 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। अनुमान है कि रात 12 बजे तक यह आंकड़ा 5 करोड़ को पार कर सकता है।
महाकुंभ 2025 के आयोजन में अब तक 15 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। केवल 17 दिनों में यह विशाल संख्या दर्ज की गई है। मकर संक्रांति के शुभ दिन पर ही 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था।

Prayagraj Mahakumbh 2025: मौनी अमावस्या पर रिकॉर्ड भीड़ का अनुमान
आगामी मौनी अमावस्या के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस विशेष दिन पर 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। तीर्थयात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा एवं सेवाएं उपलब्ध कराई हैं।
Prayagraj Mahakumbh 2025: पुलिस व्यवस्था और नो-व्हीकल जोन
मौनी अमावस्या के मौके पर मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से चार पहिया वाहनों का उपयोग न करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए दोपहिया वाहन या पैदल चलने का सुझाव दिया है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के समय को बढ़ा दिया गया है, और घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
Prayagraj Mahakumbh 2025: हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की योजना
मौनी अमावस्या को और अधिक भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर से संगम क्षेत्र में फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा करने की योजना बनाई है। यह आयोजन बुधवार सुबह 6:45 बजे किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बनाना है।
रात आसमान के नीचे गुजारते श्रद्धालु
मेला क्षेत्र में विश्राम स्थलों की कमी के कारण कई श्रद्धालु खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही।
प्रयागराज प्रशासन का संदेश
जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार मंदर ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे तीर्थयात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दें। उनका कहना है, "दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के लिए स्थानीय लोग दोपहिया वाहन का उपयोग करें या पैदल चलें।"
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महाकुंभ 2025: आस्था और समर्पण का संगम
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक बन चुका है। लाखों श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति में यह आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी बन रहा है।












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