UP में मदरसों के सर्वे को लेकर गरमा रही सियासत , जमियत ए उलेमा ने लिया ये बड़ा फ़ैसला
लखनऊ, 10 सितंबर: उत्तर प्रदेश सरकार एक तरफ जहां मदरसों का सर्वे करवा रही है वहीं दूसरी ओर इस्लामिक धर्मगुरुओं के संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आदेशित इस्लामिक धार्मिक स्कूलों के सर्वेक्षण के दौरान किसी भी कठिनाई का सामना करने वाले मदरसों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन की स्थापना की है। मदरसों के सर्वेक्षण का विवाद गहराता जा रहा है। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मदरसों का सर्वे जारी रहता है या नहीं।

मदरसा शिक्षा प्रणाली को बदनाम करने की साजिश का आरोप
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि संगठन भारत के विभिन्न हिस्सों में मदरसों के विध्वंस और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वेक्षण के लिए यूपी सरकार की घोषणा के बाद मदरसों के हितों की रक्षा करेगा। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सैयद अरशद मदनी के मुताबिक, हम मदरसों को विभाजनकारी ताकतों को खत्म नहीं करने देंगे। जमीयत ने महसूस किया है कि मदरसों का सर्वेक्षण मदरसा शिक्षा प्रणाली को बदनाम करने का एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास है।
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे शुरू
जमीयत ने अधिकारियों को स्वतंत्रता संग्राम में मदरसों की भूमिका और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के लोगों के अलावा पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को सीखने में उनके योगदान की याद दिलाई। इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य बातों के अलावा, शिक्षकों की संख्या, पाठ्यक्रम और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए राज्य में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वेक्षण की घोषणा की है। यह सर्वे आज से शुरू हो गया।
जमियत ने किया है संचालन समिति का गठन
जमीयत ने राज्य सरकार द्वारा एक सर्वेक्षण की घोषणा के बाद एक संचालन समिति का गठन किया है। समिति में सैयद अरशद मदनी, मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, रेक्टर, दारुल उलूम देवबंद; मौलाना मुहम्मद सुफियान कासमी, रेक्टर, दारुल उलूम वक्फ, देवबंद के अलावा मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव, कमाल फारूकी जैसे लोग शामिल हैं।
सर्वेक्षण से मुस्लिम समाज में डर का माहौल
दरअसल, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दो धड़े हैं। दूसरे गुट का नेतृत्व मौलाना अरशद मदनी के भतीजे मौलाना महमूद मदनी कर रहे हैं। महमूद मदनी ने इससे पहले दिल्ली में मौलवियों की एक बैठक आयोजित की थी और सर्वेक्षण पर अपनी चिंता व्यक्त की थी। मौलाना महमूद मदनी ने कहा था कि सर्वेक्षण की घोषणा से मुस्लिम समुदाय में डर पैदा हो गया है, खासकर भारतीय जनता पार्टी शासित कुछ राज्यों में मदरसों के खिलाफ चल रहे अभियान से भय का एक वातावरण पैदा हो गया है।












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