कांग्रेस के गढ़ अमेठी में बीजेपी के अंदर अब सिर फुटौव्वल
जिसकी भनक लगते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मिलने बुला लिया। विधायक जी ने भी पहुंचकर अपनी परेशानी बता दी तो देखिए अब आगे क्या होता है!
अमेठी। कांग्रेसी गढ़ अमेठी में असेम्बली की 4 सीटें जीतने के बाद से गदगद बीजेपी के अंदर अब सिर फुटौव्वल की नौबत आ गई है। आलम ये है कि तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह और राज्यमंत्री सुरेश पासी में वर्चस्व को लेकर चली आ रही ठना-ठनी जग जाहिर हो गई है। आरोप है कि प्रशासनिक अमला राज्यमंत्री के दबाव में उनकी नहीं सुन रहा है। जिसको लेकर उन्होंने इस्तीफे का मन बनाया था, जिसकी भनक लगते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया, जिसके बाद मयंकेश्वर शरण सिंह ने सीएम से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण ने कहा कि मैंने अपनी बात सीएम योगी के सामने रखी थी, जिसके बाद सीएम योगी ने मेरी समस्या पर संजीदगी से विचार करने की बात कही। जिसके बाद मैंने इस्तीफा देने का विचार छोड़ दिया है।

विधायक बोले बीजेपी में है तानाशाही
आपको बता दें कि विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह इस हद तक नाराज थे कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का समय तक मांग लिया था। इससे साफ झलक रहा है की आज नहीं तो कल वो विधानसभा कि सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं नाराज विधायक के बागी तेवर को देखते हुए खुद सीएम ने विधायक को मुलाकात के लिए बुलाया है। विधायक का कहना है कि बीजेपी में तानाशाही नीतियों का दौर शुरू हो गया है।

नाराजगी के ये हैं अहम कारण
दरअसल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह बीते कई महीनों से असंतुष्ट चल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस नाराजगी की बड़ी वजह ये है की उनके कामों में जगदीशपुर विधानसभा के विधायक और राज्यमंत्री सुरेश पासी बराबर हस्तक्षेप करते हैं। विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह के समर्थकों की मानें तो विधायक जब भी किसी काम के लिए डीएम और एसपी को फोन करते हैं तो प्रशासन उनकी बातों को दरकिनार कर देता है। दूसरी ओर विधायक की नाराजगी का एक बड़ा कारण ये भी माना जा रहा है कि अमेठी की एसपी पूनम ने सीओ डॉ. बीनू सिंह का स्थानांतरण नगर पंचायत चुनाव के पहले तिलोई से मुसाफिरखाना कर दिया है। ये बात भी चर्चा का विषय है कि मुख्यमंत्री के आगमन पर जिले में सुरक्षा व्यवस्था में डॉ. बीनू सिंह के ड्यूटी काटने में राज्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया था। यही कारण है कि विधायक ने विधानसभा कार्यालय में फोन कर विधानसभा अध्यक्ष से मिलने का समय भी मांगा।

मंत्री बोले लगे आरोप हैं निराधार
फिलहाल इस मामले में राज्यमंत्री सुरेश पासी ने बातचीत में कहा कि उन पर लगे सारे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधायक के किसी मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया, जिले के अधिकारी विधायक क्या हमारे भी मातहत नहीं हैं। वे स्वतंत्र हैं और अपने दायित्वों का निर्वाहन कर रहे हैं।
मयंकेश्वर शरण सिंह ने की सीएम से मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण ने कहा कि मैंने अपनी बात सीएम योगी के सामने रखी थी, जिसके बाद सीएम योगी ने हमारी समस्या पर संजीदगी से विचार करने की बात कही। जिसके बाद मैंने इस्तीफा देने का विचार छोड़ दिया है।












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