पुलिस ने मार-मारकर जुर्म कराया कबूल, थर्ड डिग्री देने का वीडियो वायरल
मुरादाबाद। यूपी पुलिस अपनी छवि सुधारने की कितनी ही कोशिश कर ले लेकिन आये दिन खाकी को शर्मसार कर रही है। ताजा मामला शहर के सिविल लाइन थाने का है। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ,जिसमें एक युवक को कमरे बंद करके पीटा जा रहा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, ये वीडियो रिजवान और वसीम नामक युवक का है जिन्हें पुलिस ने चोरी के आरोप में जेल भेजा है। परिजनों के मुताबिक इनसे जुर्म थर्ड डिग्री देकर कबूल कराया गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है जिसमें जांच कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

पुलिस ने बेगुनाहों को फंसाया!
जानकारी के मुताबिक, रिजवान और वसीम जो कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक निवासी हैं। इनको चोरी के आरोप में जेल भेजकर सिविल लाइन पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे का सच क्या है? ये सोमवार को जो वीडियो वायरल हुआ है, वह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में रिजवान की पिटाई करने के बाद जबरन घटनाएं कबूल कराई जा रहीं हैं। परिवार के लोगों का तो यहां तक आरोप है कि पुलिस ने असली मुलजिमों को वसूली करने के बाद छोड़कर रिजवान और वसीम को फंसाया है।

फट्टों से की पिटाई
रिजवान को बांधने के बाद उसकी फट्टों से पिटाई की जा रही है, पिटाई होते-होते भी रिजवान घटनाएं कबूल करने से इनकार कर रहा है। तब भी जबरन उससे चोरी की घटनाएं कबूल कराई गई। वीडियो के बारे में पुलिस को जानकारी मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले को दबाने में जुट गई है। उधर इंस्पेक्टर सिविल लाइन अजीत सिंह ने किसी वीडियो वायरल होने की जानकारी से इनकार किया है।

पुलिस ने की कार्रवाई की बात
घटना रामगंगा विहार चौकी प्रभारी द्वारा युवकों को चोरी के आरोप में जेल भेजा गया है। वहीं इस मामले में एसपी सिटी आशीष श्रीवास्तव ने वायरल वीडियो को मुरादाबाद जनपद के ना होने की बात कही है और जांच कर कार्रवाई की बात कही है। सरकार के कड़े निर्देशों के बावजूद भी रक्षक भक्षक बन रहे हैं और मानवाधिकार की धज्जियां उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार उड़ा रही है।












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