इलाहाबाद : बीजेपी विधायक के घर कर्ज वसूलने के लिए PNB ने शुरू की गांधीगिरी, देखें वीडियो

बीजेपी विधायक हर्षवर्धन बाजपेई के पिता से 56 करोड़ का कर्ज वसूलने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के कर्मियों ने आज उनके घर के सामने गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया।

इलाहाबाद। इलाहाबाद शहर उत्तरी से भाजपा विधायक हर्षवर्धन वाजपेई के घर कर्ज वसूलने के लिए पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने गांधीगिरी शुरू कर दी है। दर्जनों की संख्या में पहुंचे पीएनबी अधिकारियो ने घंटो विधायक के घर के बाहर डेरा जमाये रखा। गांधीगिरी के तहत वह विधायक के घर में दाखिल नहीं हुए और गेट पर ही प्रदर्शन करते रहे। हाथो में, स्लोगन लिखे पोस्टर बैनर भी बैंक अधिकारियो ने थामे रखा। इस गांधीगिरी प्रदर्शन का मकसद था की विधायक हर्ष के पिता पूर्व विधायक अशोक बाजपेई बैंक से कर्ज वसूला जा सके।

क्या है मामला

क्या है मामला

पूर्व विधायक अशोक बाजपेई ने चित्रकूट में स्टील फैक्ट्री लगाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक से लोन लिया था। लेकिंन उसे वापस बैंक में जमा नहीं किया। मौजूदा समय में कर्ज की रकम 65 करोड़ रुपये है। कर्ज अदायगी के नियम का पालन बाजपेई ने नहीं किया और जिससे तय समयसीमा भी खत्म हो गई। आलम ये हो गया की बैंक को दी जाने वाली किश्त नहीं जमाहुई। खाते में लेनदेनभी बंद हो गया। जिससे अब खाता एनपीए में चला गया है। बैंक ने कर्ज अदायगी के लिए नोटिस भेजी पर उसका कोई असर नहीं हुए। जिसके बाद बैंक ने गांधीगिरी से कर्ज वसूलने की प्रक्रिया शुरू की है।

बीजेपी विधायक का पासपोर्ट रद्द हो सकता है

बीजेपी विधायक का पासपोर्ट रद्द हो सकता है

इलाहाबाद में अशोक बाजपेई रामबाग और कीडगंज स्थित आवास पर रहते है। यही पर वर्तमान विधायक हर्ष यानि अशोक के बेटे भी रहते है। जब पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी घर के बहार एकत्रित हो गए तो लोगों की भीड़ भी कौतूहलवश जुट गई। सुचना पर मीडिया भी कवरेज में पहुंची। बैंक की मंडल प्रमुख सुचरिता दिवेदी के नेतृत्व में अफसरों और कर्मचारियों ने कर्ज वसूली का पोस्टर बैनर हाथ में लेकर गांधीगिरी शुरू कर दी। कर्मचारियों के हाथो में जो पोस्टर बैनर से उसपर लिखा था की - ‘बैंक का पैसा जनता का पैसा है लिए गए ऋण को जमा करें। सुचरिता दिवेदी ने बताया की मुख्यालय के निर्देश पर यह गांधीगिरी का अभियान चलाया गया है। हम पूर्व विधायक अशोक बाजपेई के घर गए थे।लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई। कर्ज वसूलने के लिए क़ानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। मामला कोर्ट पहुंच चुका है। पैसा न जमा करने पर संपत्ति नीलम की जाएगी। फ़िलहाल हमने बाजपेई का पासपोर्ट रद्द करने के लिए भी लिखा है।

बैंक पहले भी कर चुका है गांधीगिरी

इस गांधीगिरी के पीछे एक बड़े अभियान की सफलता है। जिसे जानना आपको जरुरी है। ताकि आप समझ सके की आखिर यह हो क्या रहा है। दरअसल कर्जदारों के कर्ज वापस न करने परपंजाब नेशनल बैंक ने इस मुहीम की शुरुवात की थी। एनपीए हो चुके कर्ज की वसूली के लिए बैंक की ओर यह गांधीगीरी दक्षिण के राज्यों से हुई। वहां इस गांधीगिरी ने खूब सफलता बटोरी। जिसके बाद बैंक ने निर्णय लिया की गांधीगिरी को पुरे देश में लागू किया जाएगा। इसमें बैंक के अधिकारी कर्मचारी कर्जदार के घर के बहार हाथ में पोस्टर बैनर लेकर इस तरह घंटो खड़े रहते है। मजबूरन कर्जदार को बैंक कर्मियों से मिलना पड़ता है और अधिकांश मामलो में कर्ज वापस जमा किया जाता है।

विधायक बोले केस करूंगा

इस मामले में पूर्व विधायक अशोक वाजपेई ने कहा कि कर्ज कंपनी के नाम था और अब कंपनी चार साल से बंद हो चुकी है। बैंक की वजह से सैकड़ो कर्मचारियों की नौकरी चली गई है। कंपनी का ऐसेट जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। बैंक ने इस तरह से गांधीगीरी कर मुझे बदनाम किया है। अब बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा।

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