राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बुलंदशहर में पीएम मोदी ने कल्याण सिंह को किया याद, कह दी बड़ी बात
अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देशभर में भगवान राम एक बार फिर से चर्चा का केंद्र बन गए हैं। जिस तरह से देशभर के गणमान्य प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में शामिल हुए उसने निसंदेह कई विपक्षी दलों के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में मुश्किलों को बढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर के मुद्दे पर पिछले कई दशकों प्राथमिकता के तौर पर उठाती रही है।
ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को निसंदेह लाभ मिल सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं और अयोध्या को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जिस तरह से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान राम का जिक्र किया उसे सुनकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

बुलंदशह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश को 19 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी है। इस दौरान पीएम मोदी ने राम मंदिर का जिक्र करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को याद किया। इसके साथ ही राम मंदिर आंदोलन में उनके योगदान का भी पीएम मोदी ने जिक्र किया। लाखों की संख्या में इकट्ठा यहां लोगों की भीड़ ने कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी का मोदी-मोदी के नारे से जोरदार स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के बाद मुझे आप लोगों का दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कल्याण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी सरकार तक को कुर्बान कर दिया था। इस धरती ने कल्याण सिंह जैसा सपूत देश को दिया है। उन्होंने रामकाज और राष्ट्रकाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। ऐसे में अयोध्या धाम में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा को देखकर आप लोगों में जरूर खुशी होगी।
पीएम ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि कल्याण सिंह और उनके जैसे अनेक लोगों का सपना आज पूरा हुआ है। अलीगढ़ में कल्याण सिंह का जन्म एक लोधी परिवार में हुआ था। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में सक्रियता के साध अपनी भूमिका निभाई थी। जिस वक्त अयोध्या में बाबरी ढांचा गिरा उस वक्त कल्याण सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
पीएम मोदी ने जिस तरह से कल्याण सिंह का जिक्र किया उसके पीछे की एक बड़ी वजह यह है कि अलीगढ़, बुलंदशहर, एटा और इटावा में बड़ी संख्या में लोध आबादी है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पीएम मोदी ने कल्याण सिंह का जिक्र करके लोध वोट बैंक को भाजपा की ओर मोड़ने की कोशिश की है, जिसका आगामी चुनाव में पार्टी को फायदा मिल सकता है।
पीएम ने कहा कि अयोध्या में मैंने कहा था कि प्राण प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हो गया है और अब राष्ट्र प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने का समय है। हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। लक्ष्य बड़ा हो तो उसके लिए हर साधन जुटाना होता है। सबको मिलकर प्रयास करना पड़ता है। विकसित भारत का निर्माण भी यूपी के तेज विकास के बिना संभव नहीं है।
पीएम ने कहा कि इसके लिए हमे खेत-खलिहान से लेकर ज्ञान-विज्ञान, उद्योग, उद्यम तक हर शक्ति को जगाना है। आज का यह आयोजन इसी दिशा में एक और कदम है, बड़ा कदम है, महत्वपूर्ण कदम है। आजादी के बाद के दशकों में लंबे समय तक भारत में विकास को सिर्फ कुछ ही क्षेत्रों में सीमित रखा गया, देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा विकास से वंचित रहा। इसमे भी उत्तर प्रदेश जहां देश की सबसे अधिक आबादी बसती थी, उसपर उतना ध्यान नहीं दिया गया।
यह इसलिए हुआ क्योंकि लंबे समय तक यहां सरकार चलाने वालों ने शासकों की तरह बर्ताव किया, जनता को अभाव में रखने का, समाज में बंटवारे का रास्ता उनको सत्ता पाने का सबसे सरल माध्यम लगा। इसकी कीमत उत्तर प्रदेश की अनेक पीढ़ियों ने भुगती है। लेकिन साथ-साथ देश को भी इसका बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। जब देश का सबसे बड़ा राज्य ही कमजोर हो तो देश कैसे ताकवर हो सकता था।












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