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पीयूष जैन इनकी बदौलत बना इत्रनगरी का कंपाउंड किंग, धनकुबेर परिवार पर मां सरस्‍वती भी रहीं मेहरबान

पीयूष जैन इनकी बदौलत बना इत्रनगरी का कंपाउंड किंग, धनकुबेर परिवार पर मां सरस्‍वती भी रहीं मेहरबान

कानपुर, 28 दिसंबर। कानपुर के बिजनेसमैन पीयूष जैन के घर आयकर छापे में मिले करोड़ों रुपये देख हर कोई हैरान रह गया। लगातार छह दिनों तक आयकर के अधिकारियों ने पियूष जैन के कानपुर और कनौज में स्थित घर में अलमारियों, दीवारों और तहखाने में मिली रुपये की गड्डी की गिनती मशीनों से की। ये आयकर विभाग का अब तक सबसे बड़ा छापा माना जा रहा है। पीयूष जैन ने इतनी कम उम्र में इत्र और पान मसाले के व्‍यापार से इतना अथाह धन कैसे कमाया, ये सवाल सभी के दिमाग में कौंध रहा है। आइए जानते हैं किनकी बदौलत पीयूष जैन बना इत्रनगरी का कम्‍पाउंड किंग?

पीयूष जैन इनकी बदौलत बना इत्रनगरी का कंपाउंड किंग

पीयूष जैन इनकी बदौलत बना इत्रनगरी का कंपाउंड किंग

पहले बता दें पीयूष जैन पान मसाला में डाला जाने वाले फ्लेवर यानी कंपाउंड तैयार करता था। इसके साथ इत्र के कंपाउंड तैयार करता था। पीयूष जैन को ये हुनर उनके पिता से मिला। पीयूष ने जो ये धन कमाया उसमें उनके परिवार के चार सदस्‍यों का भी उतना ही अहम रोल रहा।

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    धनकुबेर परिवार पर मां सरस्‍वती भी रही हैं मेहरबान

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    पीयूष जैन पर जो धनकुबेर की वर्षा हुई उसकी प्रमुख वजह उनके परिवार के सदस्‍यों पर सरस्‍वती की अपार कृपा रही। पीयूष ही नहीं उनकी पत्‍नी, छोटा भाई और उनकी पत्‍नी चारों का केमेस्‍ट्री का ज्ञान और कड़ी मेहनत ने पीयूष जैन को इत्र की दुनिया का बांदशाह बनाया। पीयूष जैन ही नहीं छोटा भाई अम्बरीश जैन, उनकी पत्नी चारों ही केमेस्‍ट्री विषय में एमएससी हैं। पीयूष और उसके भाई पत्‍नी भी इस कारोबार में मदद करती थीं।

    कंपाउंड बनाने में नहीं लेता था किसी कर्मचारी की मदद

    कंपाउंड बनाने में नहीं लेता था किसी कर्मचारी की मदद

    इत्र की नगरी कनौज में गिने चुने ही लोग ही कंपाउंड बनाते हैं लेकिन पीयूष जैन जैसा कंपाउंड कोई नहीं बना पाता जिसके चलते वो इत्र की नगरी का बांदशाह बन गया। पीयूष जैन और उसका भाई अम्बरीश जैन और उनकी पत्नियां चारों मिलकर ये इत्र का कंपाउंड रात में कुछ घंटे ही काम करके तैयार करते थे। इसमें वो किसी की कर्मचारी की मदद तक नहीं लेते थे ताकि उनका इसे बनाने का फार्मूला लीक ना हो।

    चंदन का ऐसा सिंथेटिक आयल बनाया, जो कोई नहीं बना पाया

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    खबर ये भी है कि पीयूष के पिता से ये हुनर उन्‍होंने सीखा है। खबरों के अनुसार उनके पिता भी इत्र का कम्‍पाउंड बनाने में उनकी मदद करते थे। पीयूष के बाबा फूलचन्द्र प्रिन्टिंग का काम करते थे लेकिन पीयूष के पिता महेशचंद्र मुंबई में पहले एक साबुन कंपनी में काम करते थे वहीं पर उन्‍होंने ये कंपाउंड बनाने का नुस्‍खा सीख लिया और कंपाउंड बनाने की शुरूआत की इसके बाद उनके बेटे पीयूष ने अपने पिता से ना केवल ये हुनर सीखा बल्कि उनके कारोबार को संभालते हुए चंदन का ऐसा सिंथेटिक आयल बनाया, जो कोई नहीं आज तक बना पाया। अपने इसी हुनर के दम पर तैयार किया गया कंपाउंड वो पान मसाला व ब्यूटी प्रोडक्‍ट बनाने वाली नेशलन और मल्‍टीनेशनल कंपनियों को बेचता था। लेकिन उसने अपने इस हुनर के दम पर जो काला धन कमाया उसने पीयूष कोसलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

    साधारण सा पहनावा और घर में छिपा था कुबेर का खजाना

    साधारण सा पहनावा और घर में छिपा था कुबेर का खजाना

    पीयूष जैन प्रिया स्कूटर से चलता था, हवाई चप्‍पल पहनता था। उसको देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता था कि रबड़ की चप्‍पलें पहनने वाला आम सा दिखने वाले इंसान के घर अथाह कुबेर का खजाना छिपा हुआ है। कन्नौज के चिपट्टा इलाके में जहां उसके घर में दीवारों और तहखानों में अथाह धन मिला उस घर के पड़ोसियों ने बताया कि कुर्ता-पायजामा पहनकर शादियों और अन्य कार्यक्रमों में पहुंचता था। लोगों को बताना था वो कर्ज में डूबा हुआ है। वो लोगों से ज्‍यादा बात नहीं करता था कानपुर से वह कन्नौज जाते थे, अपना काम करते थे और सीधे कानपुर लौट जाते थे।

    कनौज का पूरा घर पड़ोसियों को बड़ा रहस्यमय लगता था

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    पीयूष की मां का दो साल पहले निधन हो गया था। पीयूष जैन और उनके भाइयों ने दो घर खरीदे और उन्हें एक में मिला दिया, जो अब लगभग 800 वर्ग गज के एक भूखंड पर उनका ये घर बना है। घर में उसके पिता और स्टाफ के कुछ सदस्य रहते थे। ऐसा कहा जाता है कि उनके पिता आज तक इत्र के यौगिक तैयार करते हैं और दोनों बेटे उनकी मदद करते थे और कारोबार का बाहर का काम संभालते हैं। हालांकि छापेमारी के दौरान पता चला कि उनके पिता बीमार हैं और उनका दिल्‍ली में इलाज चल रहा है। पीयूष जैन का घर आसपास के अन्य व्यवसायियों के घरों की तुलना में अधिक भव्य माना जाता है। बाहर से देखने पर पूरा घर रहस्यमय लगता है और अंदर की गतिविधियों को देखना असंभव है।

    जानिए क्‍या है पूरा मामला

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    बता दें कानपुर के इत्र व्‍यवसायी पीयूष जैन के बंगलों पर 120 घंटे तक चले छापे के बाद आयकर और जीएसटी खुफिया महानिदेशालय की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान जैन के घर से 300 करोड़ रुपये की नकदी मिली है। ये नगदी घर की दीवालों, तहखाने और अलमारियों और बक्‍शों में मिली थी। इसके अलावा दुबई में दो सहित संपत्तियों के दस्तावेज और विदेशी चिह्नों वाला सोना के ब्रिक बरामद किए हैं। बताया जा रहा है पीयूष 40 कंपनियां चलाता है और मुंबई में उसका आफिस है, जहां से वो विदेश में व्‍यापार करता है। पीयूष जैन की दो बेटियां हैं जिनमें से एक बेटी पायलट है।

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