यूपी: भूखे-प्यासे ठंड में ठिठुरने रहे हैं शामली ट्रक हादसे के पीड़ित, प्रशासन ने नहीं ली सुध
शामली। यूपी के शामली में हुए भीषण सड़क हादसे के पीड़ित 2 दिन से भूखे प्यासे पुलिस चौकी पर बैठे हैं। ठंड में पीड़ित खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं और 2 दिन से भूखे प्यासे इस आस में हैं कि सरकार का कोई तो नुमाइंदा आएगा और उन्हें खाना खिलाएगा। बता दें कि शुक्रवार की सुबह 4:00 बजे मेरठ करनाल हाईवे पर सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव का बड़ोद के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ था। जिसमें कैंटर और ट्रक की जबरदस्त भिड़ंत हो गई थी। भिड़ंत के दौरान कैंटर के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि कैंटर में सवार लोगों में से 27 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें उपचार के लिए शामली के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।

वही कैंटर में सवार कुछ लोगों को पुलिस ने सदर कोतवाली क्षेत्र के हिसार पुलिस चौकी पर बैठा लिया। पुलिस ने पीड़ितों को ले जाकर पुलिस चौकी पर तो बैठा दिया लेकिन उनकी सुध लेने वहां पर जिले का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। पीड़ित 2 दिन से खुले आसमान के नीचे भूखे प्यासे रात काटने को मजबूर हैं। पीड़ितों का कहना है कि 2 दिन से यहां पर हैं। उन्हें ना ही खाना दिया गया और ना ही कोई उनकी सुध लेने के लिए आया। पीड़ितों का कहना है कि वह अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन उनके पास पैसे नहीं हैं। आपको बता दें कि यह सभी पीड़ित मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं जो कि पंजाब राज्य में भट्टे पर मजदूरी करने के लिए जा रहे थे।

दो दिन से सड़क हादसे पीडित ठंड में पुलिस चौकी पर भूखे प्यासे दिन और रात काटने को मजबूर हैं। सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी सुध लेने के लिए अभी तक नहीं पहुंचा है। सवाल पुलिस से भी है। जिन्होंने पुलिस चौकी पर उनको लाकर छोड़ तो दिया लेकिन ना तो उनके रुकने के लिए कोई व्यवस्था की और ना ही उनको खाना खिलाया। सवाल उन तमाम अधिकारियों से है कि आखिर क्यों सड़क हादसे में पीड़ित लोगों को ना खाना खिलाया जाए और ना रहने के लिए जगह दी जाए। अब इसे प्रशासन की लापरवाही कहें या फिर पीड़ितों की बदकिस्मती।












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