• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

यूपी: अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर तो चादर में डालकर ले गए मरीज को

|

मिर्जापुर। सरकार बदल गई पर सरकारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। सूबे में सरकार करोड़ों रुपये हर वर्ष स्वास्थ के नाम पर जिला अस्पतालों पर खर्च करती है। मगर इसके बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। मिर्जापुर के जिला अस्पताल में दर्द से कराह रहे टीबी के मरीज को तीमारदार स्ट्रेचर पर ले जाने के बजाय चादर में उठाकर ले जाते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे है। वीडियो वायरल होने के बाद अब जिला अस्पताल प्रशासन सफाई देने में लगा हुआ है।

patient did not get the stretcher in the hospital and took it in the sheet

टीबी रोग की जांच कराने आया था
पड़री थाना क्षेत्र के उमरिया गाँव निवासी मल्लू टीवी का मरीजी है। शुक्रवार को वह जिला अस्पताल में टीवी के इलाज के लिए डाक्टर को दिखाने पहुंचा था। टीबी कि वजह से बेहद कमजोर होने के कारण चलने फिरने में पूरी तरह असमर्थ है। बता दें कि मल्लू को टीबी रोगी कक्ष से बाहर तक ले जाने के लिए मौके पर स्ट्रेचर तक नहीं मिल सका। मल्लू के परिजन उसे चादर में लपेट कर उठाकर ले गए और अस्पताल गेट के पास जमीन पर उसे लेटा दिया। मल्लू वहां काफी देर तह इसी तरह से पड़ा रहा।

सीसीटीवी फुटेज देखकर होगी कार्रवाई
वही जब चादर में लपेट कर अस्पताल से मरीज को बाहर निकालने पर जिला अस्पताल के एसआईसी से पूछा गया तो उनका कहना था कि अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। सम्भवत: परिजनों ने किसी स्टाफ से स्ट्रेचर मांगा ही नहीं होगा नहीं तो उन्हें स्ट्रेचर जरूर मिलता। फिर भी सीसीटीवी देख कर इस पूरे मामले कि जांच की जायेगी।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

अधिक उत्तर प्रदेश समाचारView All

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
patient did not get the stretcher in the hospital and took it in the sheet
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more