UP News: 2024 के बाद केंद्र की सियासत करेंगे ओम प्रकाश राजभर, यूपी में बड़े तोहफे का इंतजार
2024 के चुनाव के बाद यदि देश में एनडीए की सरकार बनी तो ओम प्रकाश राजभर केंद्र में सियासत करते नजर आएंगे। अभी से उन्होंने अपनी भूमिका को लेकर मंथन करना शुरू कर दिया है।
Om Prakash Rajbhar-BJP: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यूपी की सियासत में बदलाव देखा जा रहा है। विधानसभाा चुनाव के दौरान जो पार्टियां एक दूसरे पर हल्ला बोल रहीं थीं वही अब एक दूसरे से गले मिल रही है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (Suheldev Bhartiya Samaj Party) के चीफ ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने कहा है कि 2024 के चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनी मौका मिला तो वो केंद्र की राजनीति में अपनी भूमिका चुनना पसंद करेंगे।

2024 के बाद राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे राजभर
सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में लौटने के बाद अब सुहेलदेव बहुजन समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर भी 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र सरकार में भूमिका के साथ राष्ट्रीय राजनीति में आने की उम्मीद कर रहे हैं।
एनडीए सरकार में शामिल होने से पार्टी को पहचान मिलेगी
उन्होंने एक मीडिया हाउस से बातचीत के दौरान कई सवालों के जवाब दिए। राजभर से जब पूछा गया कि क्या वह संसदीय चुनाव के बाद केंद्र सरकार में शामिल होना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, "बेशक क्यों नहीं? यह हमारी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।''
आठ दिन इंतजार करेंगे, सबकुछ आपके सामने होगा
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए के लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने को लेकर भी आश्वस्त दिखे। राजभर ने एक सवाल के जवाब में कहा, "आठ दिन और इंतजार करें।" उन्होंने संकेत दिया कि राज्य मंत्रिमंडल में उनका दोबारा प्रवेश बस कुछ ही समय की बात है।
अमित शाह ने दिया है आश्वासन
राजभर ने कहा कि, "मेरी अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) के साथ बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि संसद सत्र शुरू होगा और उसके बाद अगले सात से आठ दिन बहुत व्यस्त रहेंगे। तो चलिए आठ दिन बाद मिलते हैं।'' दरअसल ओम प्रकाश राजभर पूर्वी उत्तर प्रदेश की जाति-वर्चस्व वाली राजनीति में अपने दबदबे को लेकर जाने जाते हैं।
मानसून सत्र के बाद राजभर को मिल सकता है तोहफा
संसद का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया और 11 अगस्त तक चलेगा। राजभर ने अपने साथ किसी भी अन्य एसबीएसपी विधायक के राज्य सरकार में शामिल होने की संभावना से भी इनकार कर दिया। राजभर ने कहा, "मैं अकेला ही सब पर भारी हूं।"
राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं
सवालों से बचने और सीधे-सीधे जवाब देने को प्राथमिकता देने के लिए जाने जाने वाले राजभर ने एनडीए में शामिल होने के फैसले सहित अपने राजनीतिक उतार-चढ़ाव को भी सही ठहराया, उन्होंने उन सभी बातों को दरकिनार कर दिया जो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में उनसे अलग होने के समय कही थीं।
योगी की पहली सरकार में मंत्री थे राजभर
राजभर योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री थे जब उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के बाद मंत्रालय छोड़ दिया था। राजभर ने कांग्रेस (2017 विधानसभा) और बसपा (2019 लोकसभा चुनाव) के साथ समाजवादी पार्टी के गठबंधन का भी उल्लेख किया जो टूट गया। राजभर ने कहा, ''कमजोर कभी भी शक्तिशाली और ताकतवर पर उंगली नहीं उठाते।'' उन्होंने जाति जनगणना का समर्थन किया और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ राजनीतिक तलाक के कारणों के बारे में विस्तार से बात की।
पिछले कुछ दिनों से बीजेपी नेताओं से कर रहे मुलाकात
हालांकि जब से राजभर का गठबंधन बीजेपी से हुआ है उसके बाद से ही वो लगातार बीजेपी यूपी के बड़े नेताओं के सम्पर्क में हैं। कुछ दिन पहले ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। वहीं पिछले दो दिनों में वह सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मिल चुके हैं। हालांकि इन मुलाकातों कें पिछले गिले शिकवे कितने दूर हुए ये देखने वाली बात होगी।












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