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अधिकारियों ने लगवाए चक्कर लेकिन नहीं बना शौचालय, बुजुर्ग नेत्रहीन महिला बाहर जाने को मजबूर

By Rajeevkumar Singh
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    कानपुर। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को खुले से शौच मुक्त बनाने व सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों को सीधा उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाये जाने के दावे कर रहे हैं। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है, न तो गरीबों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है और न ही जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा रहे हैं। बल्कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के नाम पर धन की उगाही की जा रही है। नतीजतन गरीब सरकारी योजनाओं के लाभ से कोसो दूर हैं। चाहे पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का सपना हो या फिर गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की योजना हो। ऐसा ही एक मामला यूपी के जनपद कानपुर देहात में देखने को मिला। जहां एक अंधी महिला शौचालय के अधिकारियों के दर पर चक्कर काटकर थक गई लेकिन उसे शौचालय मिलना तो दूर अधिकारियों ने जांच कराना मुनासिब नहीं समझा। जिसके चलते अन्धी महिला अपने पति के सहारे शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर है। वहीं जिले के अधिकारी सरकारी मशीनरी का बचाव करते हुए जांच कराकर महिला को शौचालय उपलब्ध कराने की बात कह रहे हैं। साथ ही शौचालय निर्माण में लोगो की भागीदारी को अहम मान रहे हैं।

    एक शौचालय के लिए मोहताज

    एक शौचालय के लिए मोहताज

    मामला कानपुर देहात के अमरौधा विकास खण्ड के गदाईखेड़ा गांव का। जहां के पूरन सिंह की पत्नी रामकली को शादी के कुछ समय बाद दोनो आंखों से दिखना बन्द हो गया था। गरीबी के आलम के चलते पूरन सिंह रामकली का इंलाज नहीं करा सका। जिसके बाद से उसे दैनिक क्रियाओं से लेकर शौच के लिए दिक्कतें आना शुरू हो गई। लेकिन रामकली ने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे वह दैनिक क्रियाओं को अपनी पति की मदद से करने लगी। लेकिन बाहर शौच के लिए जाने में दिक्कते उसे परेशान कर रही थी। जिसके चलते उसने ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों के दर के चक्कर काटना शुरू कर दिया। लेकिन उसे हर जगह निराशा ही हाथ लगी। न तो प्रधान ने उसकी सुध ली और न ही अधिकारियों ने उसकी परेशानियों को ध्यान दिया। हताश रामकली और पूरन सिंह सरकारी योजनाओं की आस लगाये केवल इन्तजार कर रहे हैं। रामकली अपने अन्धी आखों से शौचालय का सपना देख रही हैं। पीड़ित की मानें तो पैसे न होने के कारण किसी भी प्रकार की सरकारी योजनओं का लाभ नहीं मिला। चाहे शौचालय निर्माण योजना हो या फिर आवास योजना। हर योजना से मोहताज रहने को मजबूर है।

    अंसवेदनशील सरकारी तंत्र

    अंसवेदनशील सरकारी तंत्र

    वहीं ग्रामीणों की माने तो रामकली की आखों से विकलांगता के बावजूद भी न तो प्रधान ने और न ही अधिकारियों ने इनको न तो शौचालय योजना का लाभ दिया और न ही आवास योजना का लाभ दिया। सभी सरकारी योजना भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई हैं। पीएम मोदी और सीएम योगी के भ्रष्टाचार मुक्त योजनाओं का क्रियान्वयन और गरीबों तक योजनाओं का सीधा लाभ मिलने के मनसूबों पर प्रधान से लेकर अधिकारी पानी फेर रहे हैं।

    अधिकारियों ने दी सफाई

    अधिकारियों ने दी सफाई

    वहीं अधिकारियों की माने तो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता बरती जा रही है। शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायतों को देखते हुए लाभार्थियों से ही शौचालय का निर्माण कराया जा रहा हैं जिससे लाभार्थी भी शौचालय के महत्व को समझ सके। रामकली के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए डीसी स्वच्छ भारत मिशन को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराया जा रहा हैं। जल्द ही रामकली का शौचालय निर्माण करा दिया जायेगा।

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    English summary
    Officer's negligence for a blind woman who wants a toilet in Kanpur.

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