नवरात्रि में जन्मे बेटे की छठी भी नहीं पूज पाई मां, ताई के हाथ से फिसली जिंदगी
डॉक्टर की सलाह पर परिजन उसे मुजफ्फरनगर शहर ले जाने को तैयार हो गए। इसके बाद पिता ने बच्चे को उसकी ताई को पकड़ा दिया और दोनों मोटरसाइकिल पर सवार हो गया। शायद यही गलती हो गई।
मुजफ्फरनगर। नौ महीने तक एक मां ने अपनी कोख में इफजत से रखे अपने होने वाले बच्चे के लिए जो अरमान सजाए थे, वो महज कुछ घंटों में ही टूट गए। नौ महीने बाद जब महिला मां बनी तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी ये खुशी गम में बदल गई। दरअसल मामला मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र का है जहां हैवतपुर गांव में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया इसके बाद चूंकि बच्चा कमजोर था डॉक्टरों ने उसे लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम पर रखने की बात कही। डॉक्टर की सलाह पर परिजन उसे मुजफ्फरनगर शहर ले जाने को तैयार हो गए। इसके बाद पिता ने बच्चे को उसकी ताई को पकड़ा दिया और दोनों मोटरसाइकिल पर सवार हो गया। पीछे से ताऊ भी बाइक पर आ बैठा, नाजुक हालत में बच्चे को ले जा रहे पिता ने मुसीबत की इस घड़ी में बाइक पर बाकी दो लोग और बैठा लिए। लेकिन रास्ते में ज्यादा लोग बैठने की वजह से बाइक ने अपना संतुलन खो दिया और पीछे से आ रही एक कार का शिकार हो गए।

इस दुर्घटना में नवजात बच्चा ताई के हाथों से छूट गया और मानों जैसे परिवार से खुशियां छूट गई। मां-बाप बच्चे की शक्ल देख कर फूट-फूट कर रो रहे हैं। घर में मातम पसरा है और बाप ये अफसोस कर रहा है कि क्यों वो बाइक से निकला। वो मां जिसने नौ महीने तक ये ख्वाब सजाया कि वो अपने बेटे को सुरक्षा देगी वो भी कुछ ना कर सकी।

नवजात बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन है, क्या वो पिता है जो जल्दीबाजी में बाइक पर तीन सवारी लेकर निकला, क्या वो अस्पताल है जिसने बच्चे को रेफर करने के बाद उसकी सुरक्षा पर विचार नहीं किया या पिर जिस कार से ये दुर्घटना हुई वो किसी लापरवाही की वजह बना? ऐसे कई सवाल हो सकते हैं जो नवजात की मौत का कारण हो सकते हैं लेकिन फिलहार परिवार अफसोस कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications