MP News: गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने गेहूं खरीद लक्ष्य को 100 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया, खरीद केंद्र की क्षमता को बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया, और स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ा दिया। अतिरिक्त उपायों में केंद्रों पर बेहतर बुनियादी ढांचा, चना और मसूर की खरीद के लिए प्रचार अभियान, और समय पर किसानों को भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उपार्जन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के किसान हितैषी निर्णयों के चलते उपार्जन केंद्रों पर किसानों की आवक बढ़ने की संभावना है, इसलिए सभी जिलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके साथ ही लघु एवं सीमांत किसानों के अलावा मध्यम और बड़े किसानों के लिए भी स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी गई है। उपार्जन केंद्रों की क्षमता को 1000 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में गेहूं खरीदी, परिवहन, भंडारण और किसानों के भुगतान की प्रतिदिन समीक्षा करें। उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटे, हम्माल, छाया और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चना और मसूर की खरीदी मंडी शेड के भीतर ही करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि असमय बारिश से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने कहा कि चना और मसूर उपार्जन को लेकर जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में आवश्यक बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है और प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर कम से कम सात दिनों की खरीदी के लिए बारदान उपलब्ध होना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 3,516 उपार्जन केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब तक 8.55 लाख किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है, जिनमें से 3.96 लाख किसानों से 16.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले 2,527 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। मध्यम और बड़े वर्ग के 40,457 किसानों ने 5.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक किए हैं।
सरकार ने किसानों को यह सुविधा भी दी है कि वे अपनी उपज तहसील के बजाय जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर बेच सकते हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा चमक विहीन गेहूं की सीमा में 50 प्रतिशत तक छूट दी गई है। कम विकसित और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में भी वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।












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