अंतिम संस्कार से पहले एनडी तिवारी का पार्थिव शरीर कल लाया जाएगा लखनऊ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का गुरुवार को 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एनडी तिवारी का पार्थिव शरीर कल यानि शनिवार को राजधानी लखनऊ में लाया जाएगा। काफी लंबे समय से बीमार चल रहे तिवारी जी का दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार को ही उनका जन्‍मदिन भी था।आपको बता दें कि एनडी तिवारी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रहे हैं। एनडी तिवारी ने काफी समय यहां बिताया। एनडी तिवारी का लखनऊ से खास लगाव के कारण उनके पार्थिव शरीर को लखनऊ लाया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को विधान भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

यूपी में 20 और 21 को राजकीय शोक की घोषणा

यूपी में 20 और 21 को राजकीय शोक की घोषणा

20 अक्टूबर को ही शाम को एनडी तिवारी के पार्थिव शरीर को उत्तराखंड ले जाया जाएगा। यहां भी उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि दी जाएगी। 21 अक्टूबर को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगी। इसी के साथ ही प्रदेश में 20 और 21 तारीख को राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

यूपी में तीन बार बने मुख्यमंत्री

यूपी में तीन बार बने मुख्यमंत्री

एन डी तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर 1925 को नैनीताल के बतुली गांव में हुआ था। नैनीताल उत्तर से सोशलिस्ट पार्टी से जीते थे। वो उत्तर प्रदेश के तीन बार सीएम रह चुके हैं। इतनी ही नहीं एनडी तिवारी आंध्र प्रदेश के पूर्व गर्वनर थे। 18 अक्टूबर 1925 को एन जी तिवारी का जन्म दिन था। 1951 से 52 में पहली बार विधायक बने थे। एनडी तिवारी भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े थे और जेल भी जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से बीजेपी में आए नेता एनडी तिवारी का गरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया है।

नैनीताल के बलूटी गांव में हुआ था जन्म

नैनीताल के बलूटी गांव में हुआ था जन्म

उनकी अचानक मृत्यु से पूरी राजनीतिक हलकों में शोक का माहौल है। एनडी तिवारी का जन्म नैनीताल जिले के बलूटी गांव में एक जमींदार परिवार में 18 अक्टूबर 1925 को हुआ। बता दें कि एनडी तिवारी ने अपनी पढ़ाई हल्द्वानी, बरेली और नैनीताल के स्कूलों से की। तिवारी ने अपना राजनीतिक सफर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से शुरू किया था, पर बाद में वो कांग्रेस से जुड़ गए।

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