यति नरसिंहानंद की आपत्तिजनक टिप्पणी पर बवाल, अब मायावती बोलीं- सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
Mayawati On Narsinghanand remarks: बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार (06 अक्टूबर) को पुजारी यति नरसिंहानंद की उनके कथित नफरत भरे भाषण के लिए आलोचना की और मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
महंत यति नरसिंहानंद के भड़काऊ भाषण देने के आरोप मे केस दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। असल में नरसिंहानंद पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद नफरत भरे भाषण का मामला दर्ज किया गया है, जिसके कारण गाजियाबाद और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए।

जिले के डासना देवी मंदिर के बाहर शुक्रवार रात उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई थी, जब उनकी भड़काऊ टिप्पणी का वीडियो ऑनलाइन सामने आया, जिसके बाद परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।
मायावती ने कहा- प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तो कार्रवाई पर दोषी भयमुक्त
सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर मायावती ने कहा, ''यूपी के गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के महंत द्वारा इस्लाम मजहब के खिलाफ फिर से नफरती बयानबाजी की गई, जिससे उस पूरे इलाके में तथा देश के कई हिस्सों में भी अशांति व तनाव की स्थिति उत्पन्न है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तो कार्रवाई की गई किन्तु मूल दोषी भयमुक्त है।''
मायावती बोलीं- सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
मायावती ने आगे कहा, ''जबकि भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता अर्थात सभी धर्मों का बराबर आदर-सम्मान की गारंटी सुनिश्चित करता है। अत केंद्र व राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि देश में शांति रहे तथा विकास भी बाधित न हो।
नरसिंहानंद के खिलाफ कई मामले दर्ज
नरसिंहानंद के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिसमें दिसंबर 2021 में हरिद्वार में एक सम्मेलन में कथित रूप से भड़काऊ भाषण देना भी शामिल है और वह जमानत पर बाहर थे। शुक्रवार को डासना मंदिर के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर वेव सिटी थाने में डासना पुलिस चौकी के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर भानु की शिकायत पर 150 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र के अमरावती शहर में शनिवार को पुजारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन के बाहर उनकी टिप्पणी के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें शुक्रवार रात भीड़ द्वारा पथराव के दौरान 21 पुलिसकर्मी घायल हो गए और 10 पुलिस वैन क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिस ने बताया कि नरसिंहानंद के खिलाफ नागपुरी गेट पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है), 302 (जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का उच्चारण करना), 197 (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई) और अन्य के तहत मामला दर्ज किया गया है।












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