इस नेशनल खिलाड़ी ने मांगी परिवार के साथ इच्छा मृत्यु, जानिए वजह
नई दिल्ली। देश के हर खिलाड़ी का सपना अपने देश के लिए मैडल लाने का होता हैं जिसके लिए सरकारें भी खिलाड़ियों के सहयोग के लाख दावे करती हैं। मगर मुज़फ्फरनगर के होनहार नेशनल खिलाड़ी को दबंगो और भृष्ट पुलिस व्यवस्था ने खिलाड़ी से अपराधी बना दिया। खिलाड़ी को पुलिस ने फर्जी मारपीट मामले में जेल भेज दिया। कई दिन जेल में रहने के बाद जब ये नेशनल खिलाड़ी बाहर आया तो इंसाफ के लिए हर अधिकारी की चौखट पर माथा टेका लेकिन इस खिलाड़ी की किसी ने नहीं सुनी। तंग आकर अब इसने अपने पूरे परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की मांग की है।

32 मेडल जीत चुका है ये खिलाड़ी
ये वो शख्स हैं जिसपर हमे नाज करना चाहिए और इसके हौसलों की उड़ान में भागीदार बनाना चाहिए। इसका नाम बिजेन्दर है। बिजेन्दर विकलांग होकर भी देश और राज्य के लिए उपलब्धि जोड़ रहा है। बिजेंद्र ने अभी तक राष्टीय स्तर पर 32 मैडल बटोरे हैं। बैजेन्द्र का सफर यही नही थमा बल्कि ऐशियाड ओर कॉमनवेल्थ की तैयारियों में जुटा है। घर परिवार से भले ही आर्थिक कमजोर हो लेकिन इसके इरादे बहुत मजबूत हैं। बिजेंन्दर जैसा होनहार खिलाड़ी जिसे सरकारी तंत्र को शाबासी देकर उसकी हौसलाअफजाई करनी चाहिए थी उसी सरकारी मशीनरी ने बिजेंदर को खिलाड़ी से अपराधी बना कर जेल भेज दिया। मामला मुजफ्फरनगर का है।
कहां से शुरु हुआ था मामला
मामला मौहल्ले में टॉयलेट के विवाद से शुरू हुआ। बिजेन्दर अपने घर के बाहर बने टॉयलेट को तुड़वाकर अपने घर का दरवाजा बड़ा करना चाह रहा था लेकिन मोहल्ले के एक शख्स ने टॉयलेट तोड़ने पर विवाद कर दिया। ये विवाद थाने पहुंच गया। पीड़ित खिलाड़ी ने दो दिन तक थाने में पुलिस को लाख दलीलें दीं और कहा कि मैं अपने मकान के बाहर बानी अपनी टॉयलेट को तोड़कर दरवाजा लगा रहा था जिसे पड़ोस के अरविंद ने रोक लगाते हुए मारपीट की है। लेकिन पुलिस ने उसकी एक ना सुनी और आरोपी के साथ मिलीभगत कर इस खिलाड़ी को ही उल्टा आरोपी बनाकर बीती 18 तारीख को जेल भेज दिया।
जेल से जब बिजेन्दर घर आया तो उसने जनपद के आलाधिकारियों से भी इंसाफ की मांग की पर न्याय नही मिला बल्कि बीती रात दोबारा से पड़ोसी उसी शख्स ने परिवार के साथ मारपीट कर दी जिसमे बिजेन्दर की प्रेग्नेंट पत्नी को गंभीर चोट आई। वो अस्पताल में भर्ती है।
हैरानी की बात ये भी हैं कि पुलिस ने जिस मारपीट के मामले में बिजेन्द्र को जेल भेजा था उसी मुकदमे में उसके पिता और विकलांग भाई को भी मारपीट का आरोपी बनाया गया है। अब आप ही तस्वीरों को देखकर तय कर लीजिए जो व्यक्ति खुद बैसाखी के सहारे खड़ा हैं वो क्या मारपीट करेगा, शायद इन तस्वीरों को देखकर जनपद के अधिकारियों को भी शर्म आ जाये और इस खिलाड़ी को इंसाफ मिल जाये।
गौरतलब है कि बिजेन्दर ने एथलीट्स ओर क्रिकेट में जनपद का मान बढ़ाने का काम किया है। अब तक ये राष्टीय स्तर पर 32 मैडल अपने नाम कर चुका है। अभी हाल ही में जयपुर नेशनल चेम्पियनशिप में हिस्सा लेकर टॉप 4 में जगह बनाई जिस वजह से बिजेन्दर को इंडियन ओपन इंटरनेशनल इवेंट में ट्रायल के लिए भी चुना गया।












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