Muzaffarnagar Labour Bonded: 12 बंधुआ मजदूरों को मारते थे कोड़े-शरीर पर गहरे घाव, 2 फैक्ट्री मालिक अरेस्ट

UP Muzaffarnagar Bonded Labor Reason: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक बार फिर बंधुआ मजदूरी की अमानवीय प्रथा सामने आई है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में मंडी गांव स्थित एक पेपर प्लेट बनाने वाली फैक्ट्री से 12 बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया गया। इनमें नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। मजदूरों के शरीर पर चोटों और टॉर्चर के साफ निशान मिले। पुलिस ने दो फैक्ट्री मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है।

यह घटना न सिर्फ एक फैक्ट्री का मामला नहीं, बल्कि आधुनिक भारत में अभी भी बनी हुई गुलामी, बाल श्रम और श्रमिक शोषण की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे क्या हुआ?

muzaffarnagar-bonded-labor

12,000 रुपये मासिक वेतन, लेकिन असहनीय दर्द!

टिटावी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के मंडी गांव में स्थित इस फैक्ट्री पर गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा गया। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट राधे श्याम गौर की अगुवाई वाली टीम और पुलिस ने ऑपरेशन चलाया।

मुख्य बातें:

  • कुल 12 मजदूर छुड़ाए गए (कुछ नाबालिग)।
  • मजदूरों को 12,000 रुपये मासिक वेतन का लालच देकर अलग-अलग राज्यों से लाया गया था।
  • एक साल से ज्यादा समय से उन्हें फैक्ट्री के अंदर बंद रखा गया।
  • वेतन नहीं दिया जाता था, सिर्फ खाना दिया जाता था।
  • बाहर निकलने की कोशिश करने पर मारपीट और टॉर्चर।
  • शरीर पर चोटों के निशान पाए गए।

फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान (फरार), प्रदीप बालियान और शिवा त्यागी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रदीप बालियान और शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुजफ्फरनगर SSP संजय कुमार ने बताया कि आगे की जांच चल रही है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बंधुआ मजदूरी की कहानी: 12-14 घंटे काम करने को मजबूर

मजदूरों ने पूछताछ में जो बयान दिए, वे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्हें बताया गया था कि अच्छा वेतन, रहने-खाने की व्यवस्था और समय पर छुट्टी मिलेगी। लेकिन पहुंचते ही उनके मोबाइल छीन लिए गए, बाहर संपर्क करने की मनाही कर दी गई और उन्हें 12-14 घंटे काम करने को मजबूर किया गया।

पेपर प्लेट बनाने का काम छोटा लगता है, लेकिन गर्म मशीनों, धूल और केमिकल्स के बीच बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना जानलेवा साबित हो रहा था। नाबालिगों को भी इसी काम में लगाया गया था, जो बाल श्रम निषेध कानून का सीधा उल्लंघन है।

कानूनी कार्रवाई क्या हुई?

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम 1976, और बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है।

ये कानून सख्त हैं:

  • बंधुआ मजदूरी को अपराध माना गया है।
  • नाबालिगों को काम पर लगाना दंडनीय है।
  • दोषी पाए जाने पर जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में बंधुआ मजदूरी: एक बड़ी समस्या

यूपी में ईंट भट्ठों, खेतों, फैक्टरियों और घरेलू कामों में बंधुआ मजदूरी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। गरीबी, बेरोजगारी और शिक्षा की कमी का फायदा उठाकर दलाल और मालिक मजदूरों को फंसाते हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में हर साल हजारों बंधुआ मजदूर छुड़ाए जाते हैं, लेकिन असली संख्या इससे कहीं ज्यादा है। मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ जैसे पश्चिमी यूपी के जिलों में छोटी-मोटी फैक्टरियां अक्सर ऐसे शोषण का केंद्र बन जाती हैं।

छुड़ाए गए मजदूरों की मदद

जिला प्रशासन ने छुड़ाए गए मजदूरों को तत्काल राहत पैकेज देने की घोषणा की है।

  • मुआवजा।

  • खाने-पीने और रहने की व्यवस्था।
  • उनके घर वापसी के लिए परिवहन।
  • आगे की कानूनी मदद और पुनर्वास।
  • बच्चों को बाल कल्याण समिति के हवाले किया जाएगा।

    मुजफ्फरनगर की इस फैक्ट्री से 12 मजदूरों को आजादी मिली है, लेकिन उनके घाव और मानसिक आघात लंबे समय तक रहेंगे। प्रदीप बालियान और शिवा त्यागी की गिरफ्तारी एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन फरार अंकित बालियान को भी जल्द कानून के कटघरे में लाना जरूरी है।

    यह मामला सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि मानव गरिमा और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। हर मजदूर को सम्मानजनक काम और उचित मजदूरी का अधिकार है। जब तक हम इस दिशा में सख्ती नहीं बरतेंगे, ऐसी घटनाएं रुकेंगी नहीं। प्रशासन को इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए और छुड़ाए गए मजदूरों को न्याय के साथ-साथ सम्मानजनक पुनर्वास भी सुनिश्चित करना चाहिए।

    UP Police Recruitment: PET परीक्षा की तारीख जारी, ये रहा एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक
    UP Police Recruitment: PET परीक्षा की तारीख जारी, ये रहा एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+