मुन्ने अली से बने मुन्ने हरि, मुस्लिम से हिंदू बनकर कर रहे शिवभक्ति
मुन्ने हरि का कहना है कि शिव की वजह से उनको जीवनदान मिला और वे मरने के बाद भी फिर से जीवित हो गए। शिवभक्ति के लिए मुन्ने इलाके में जाने जाते हैं।
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में मुन्ने अली शिव की भक्ति में इतने डूब गए कि उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया और वे मुन्ने हरि बन गए। उनका कहना है कि भगवान शिव की वजह से उनको नई जिंदगी मिली।

50 साल के मुन्ने अली का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। मुन्ने अली के पिता सोलत अली रामपुर की रजा टेक्सटाइल में काम करते थे। मुन्ने अली उनके सबसे छोटे बेटे थे। बीस साल से भगवान शिव की आराधना कर रहे मुन्ने अली ने बताया कि एक बार उनके जीवन में महादेव ने ऐसा चमत्कार किया कि मरने के बाद भी वे जीवित हो गए।

परिवार के विरोध के बाद भी वे भगवान शिव की भक्ति करते रहे। रामपुर जिला स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में भगवान शिव का ध्वज तो वह फहराते हैं, साथ ही शिव जी का श्रृंगार व रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रमों को करा कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मुन्ने अली का कहना है कि प्रभु का आशीर्वाद मानकर ही वो लोगों के दुःख-दर्द दूर करने का काम कर रहे हैं। मुन्ने अली मुस्लिम परिवार में पैदा हुए लेकिन छह साल की उम्र के बाद अचानक उनका मन बदलने लगा। धीरे-धीरे भगवान शिव की ओर उनकी आस्था बढ़नी शुरू हो गई और वो उनकी भक्ति में डूबने लगे।
मुन्ने अली बताते हैं, 'परिवार वालों ने पूजा-अर्चना का काफी विरोध किया। इस विरोध के बाद भी वे भगवान शिव की भक्ति करते रहे और साथ ही अपना नाम बदलकर मुन्ने हरि रख लिया।'












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