मुन्ना बजरंगी हत्या मामले में आया चौंकाने वाला मोड़, सच साबित हुआ शक
बागपत। बागपत जेल में नौ जुलाई की सुबह पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से पुलिस ने हत्या से जुड़े कई बड़े खुलासे किये। लेकिन हत्या के 3 महीने बीत जाने के बाद सामने आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस खुलासे के बाद केस में नया मोड़ आ गया है। कहा जा रहा है कि पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या में एक नहीं, बल्कि तीन पिस्टल इस्तेमाल की गई थीं।

पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में फोरेंसिक जांच के बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। दरअसल, ये खुलासा बजरंगी की हत्या के बाद बागपत जेल के गटर से बरामद पिस्टल के बारे में है। बागपत जेल में नौ जुलाई की सुबह की गई पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या में एक नहीं, बल्कि तीन पिस्टल इस्तेमाल की गई थीं। आगरा फॉरेंसिक जांच में ये खुलासा हुआ है। इन खोखों पर तीन अलग-अलग तरह के निशान थे। ये निशान पिस्टल के पिन के होते हैं, जो गोली छूटते समय कारतूस पर पिन की चोट लगने से बनते हैं। बागपत पुलिस ने दस खोखे परीक्षण के लिए भेजे थे।
इनके साथ एक पिस्टल भी भेजा गया था जो गैंगस्टर सुनील राठी की निशानदेही पर जेल से ही बरामद हुआ था। यह माना जा रहा था कि सुनील राठी ने इसी पिस्टल से मुन्ना की हत्या की है। लेकिन पुलिस अधिकारियों के लिए इस बात पर भरोसा करना इसलिए मुश्किल ता कि राठी ने पिस्टल का पता बड़ी आसानी से बता दिया था। तब भी यह शक था कि वह कोई चाल चल रहा है, क्योंकि अगर फोरेंसिक परीक्षण में इस पिस्टल से गोली चलना नहीं पाया गया तो उसे इसका फायदा मिलेगा। दूसरा, सवाल यह था कि इतनी सारी गोलियां इतने कम समय में एक ही पिस्टल से कैसे चलाई जा सकती हैं। अब ये तय तो हो गया कि मारेन वाला सिर्फ राठी नहीं दो लोग और थे जिनकी पिस्टल से गोली चली थी और बाद में पुलिस को गुमराह किया गया था।












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