ईसाई धर्म अपनाने वाले सैनी समाज के 12 परिवारों खिलाफ पंचायत का 'सख्त' फैसला
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में बारह परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन करने बाद हुई सैनी समाज की पंचायत ने इनका पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया और इनसे बात करने वाले सैनी समाज के व्यक्ति पर पांच हजार रुपये के जुर्माने का भी ऐलान कर दिया गया है। मामला चर्चा में आने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पंचायत के निर्णय के बाद हालांकि चार परिवार वापस हिन्दू धर्म में वापसी को तैयार हो गए हैं। पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए जाँच एजेंसिया भी अपने स्तर से पर काम करने पर जुट गई हैं।

पिछले चार दिनों से मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र में सैनी समाज के 12 परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दरअसल यह मामला उस समय उजागर हुआ जब सैनी समाज की धर्मशाला में सैकड़ों की संख्या में सैनी बिरादरी के लोग जमा हो गए और अपने ही समाज के बारह परिवारों का बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया और उन परिवारों से किसी भी तरह का सम्बंध रखने वाले समाज के व्यक्ति पर पांच हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की भी घोषणा की गई। इस पंचायत की सूचना जब दूसरे लोगों को पता लगी तो शहर भर में चर्चाओ का दौर शुरू हो गया। बारह परिवारों के बहिष्कार के मामले में जिला प्रशासन भी गंभीर हो गया है।
ये परिवार अपना सैनी समाज छोड़ कर ईसाई मिशनरी से जुड़ गए ,जिसके बाद सैनी समाज में उबाल आया और एक पंचायत कर इनका बहिष्कार कर दिया। दो दिनों से हो रहे हल्ले के बाद अब कुछ परिवार वापसी की बात करने लगे हैं, जब इन परिवारों के मुखियाओ से बात की गई तो इनका कहना था कि यव लोग तो अपनी बीमारियों से निजात पाने के लिए प्रार्थना सभाओ में पिछले काफी समय से जाते यह हैं। इस मामले पर जब सैनी समाज के जिला अध्यक्ष सी पी सिंह से पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहां की हां पंचायत हुई हैं और बारह परिवारों का बहिष्कार किया गया है।












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