Jayant Chaudhary: कितने और कहां से पढ़े हैं RLD के जयंत चौधरी? जिन्होंने अग्रेंजी में ली मंत्री पद की शपथ
Jayant Chaudhary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी के बाद 2024 की एनडीए सरकार के मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले मंत्रियों ने शपथ ली।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में अधिकांश ने राष्ट्रभाषा हिंदी में मंत्री पद की शपथ ली वहीं गैर-हिंदी भाषी राज्यों से बने मंत्रियों ने अंग्रेजी में शपथ लीं लेकिन जब पश्चिम यूपी के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) प्रमुख सांसद जयंत चौधरी ने हिंदी के बजाय अंग्रेजी में शपथ ली, तो सब हैरान हो गए।
आइए जानते हैं, हिंदी पट्टी में किसानों के नेता कहे जाने वाले आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी जो पहली बार केंद्र सरकार में मंत्री बने हैं वो कितने और और कहां से पढ़े-लिखे हैं? जयंत चौधरी ने आखिर क्यों हिंदी में में ली मंत्री पद की शपथ?

बता दें एनडीए सरकार में मंत्री बनाए गए राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी दिग्गज नेता स्वर्गीय अजित चौधरी के बेटे और भातर के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के पोते हैं।
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लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी से अपना गठबंधन तोड़कर जयंत चौधरी भाजपा के साथ हाथ मिलाते हुए एनडीए में शामिल हो गए थे। जयंत की आरएलडी ने यूपी की बागपत और बिजनौर की दोनों सीटों पर जीत हासिल की है।
कितने पढ़े-लिखे हैं जयंत चौधरी
जयंत चौधरी ने दिल्ली विवि के श्री वेंकटेश्वर कालेज से ग्रेजुएशन और 2002 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से अकाउंटिंग और फाइनेंस में मास्टर्स किया है।
अमेरिका में हुआ है जन्म
जयंत चौधरी का जन्म 27 जनवरी 1978 को डलास, अमेरिका में हुआ। उनका बचपन विदेश में ही बीता है।
जयंत चौधरी की पत्नी और बच्चे
जयंत चौधरी की पत्नी चारु चौधरी हैं और दोनों को लंदन में पढ़ाई के दौरान प्यार हो गया था जिसके बाद दोनों लव मैरिज की। जयंत और चारू चौधरी की दो प्यारी सी बेटियां हैं।
जयंत चौधरी का राजनीति करियर
2009 में जयंत चौधरी पहली बार यूपी की मथुरा सीट से चुनाव लड़े और सांसद चुने गए।
2014 में जयंत चौधरी मथुरा सीट से भाजपा उम्मीदवार हेमामालिनी के खिलाफ खड़े हुए लेकिन मोदी की लहर में वो चुनाव हार गए। इस बार आरएलडी मथुरा समेत आठों सीटें हार गई।
2019 में सपा-बसपा के साथ गठबंधन कर आरएलडी ने चुनाव लड़ा लेकिन जयंत चौधरी बागपत और अजित सिंह मुजफ्फरपुर सीट के से हार गए।
2021 में पिता अजित सिंह की कोरोना के चलते मौत हो गई जिसके बाद जयंत ने आरएलडी की कमान पूरी तरह संभाली।
2022 में यूपी विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव की सपा के साथ दोबारा गठबंधन कर साथ 33 में से नौ सीटों जीत हासिल करते हुए अपनी पार्टी को दोबारा जिंदा कर दिया।
2023 इंडिया गठबंधन छोड़ NDA में हुए थे शामिल
इसके बाद 2023 में हुए निकाय चुनाव में जयंत की आरएलडी ने 50 नगर निकायों में से 22 पर अपनी पार्टी का अध्यक्ष बनवाने में सफलता हासिल की। 2024 के ठीक पहले जयंत चौधरी ने सपा का साथ छोड़ एनडीए में शामिल हो गए और भाजपा के साथ चुनाव लड़े और दो सीटों पर जीत हासिल की।
RLD का खत्म हुआ 10 का वनवास, केंद्रीय मंत्रीमंडल में मिली जगह
अब दस साल के वनवास से आरएलडी को मुक्ति दिलाकर केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह पाई है। याद रहे 2021 में पश्चिम यूपी के दिग्गज नेता और रालोद मुखिया अजित सिंह की कोरोना से मौत के बाद अचानक जयंत चौधरी के कंधे पर पार्टी की पूरी जिम्मेदारी आ गई थी। उन्हीं की मेहतन की बदौलत 2024 में उनकी आरएलडी को केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह मिली है।
दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न
वहीं अपने दादा चौधरी चरण सिंह को चुनाव से पहले मरणोपरांत भारत रत्न भी दिलवाया, याद रहे मोदी सरकार द्वारा चुनाव से पहले चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के ऐलान के बाद आरएलडी एनडीए गठबंधन में शामिल हुई थी।












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