जेल से बाहर आया पूर्वांचल का यह बाहूबली, सोशल मीडिया पर करने लगा ट्रेंड
विनीत सिंह को रांची की एजीडे (षष्ठम) एसएन साहू की अदालत ने साक्ष्य के आभाव में बाइज्जत बरी किया है। विनीत पिछले एक साल से इस मामले में आत्मसमर्पण करने के बाद रांची की जेल में बंद थे।
मिर्जापुर। रांची जेल में एक साल से बंद पूर्वांचल का यह बाहूबली साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी होने के बाद मंगलवार को जेल से बाहर आ गया। बाहूबली के जेल से बाहर आने पर उसके समर्थको खुशी की लहर इस कदर दौडी की पूर्वांचल में यह बाहुबली सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। यह बाहूबली कोई और नहीं बल्कि विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की हॉट सीट मानी जाने वाली सैयदराजा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी रहे पूर्व एमएलसी श्यामनारायण उर्फ विनीत सिंह है। विनीत सिंह को रांची की एजीडे (षष्ठम) एसएन साहू की अदालत ने साक्ष्य के आभाव में बाइज्जत बरी किया है। विनीत पिछले एक साल से इस मामले में आत्मसमर्पण करने के बाद रांची की जेल में बंद थे। मंगलवार की दोपहर कोर्ट का फैसला आने के बाद पूरे पूर्वांचल में यह खबर आग की तरह फैल गयी।

विधानसभा चुनाव में गरमाया था मामला
सैयदराजा विधानसभा चुनाव के दौरान विरोधियों ने सोशल मीडिया पर इस मामले को जमकर उछाला था। विनीत जेल की सलाखों के पीछे थे। जिससे वह इसका जवाब नहीं दे सके। उनकी तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष पत्नी प्रमिला सिंह और नाबालिग बेटे आकाश सिंह सन्नी ने मोर्चा संभाला लेकिन यह नाकाफी रहा। प्रतिष्ठापरक चुनाव में उन्हें भाजपा प्रत्याशी सुशील सिंह से पराजय का सामना करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद आये थे चर्चा में
चुनाव के पहले विनीत उस समय चर्चा में आये थे जब उननके फेसबुक पेज पर अखिलेश को लेकर एक विवादित पोस्ट पड़ा था। इसके बाद वह सीधे सपा के निशाने पर आ गये। पुराने सहयोगी रहे पूर्व ब्लाक प्रमुख शशिकांत राजभर की तहरीर पर रोहनिया पुलिस ने मुकदमा कायम कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने जो मुकदमा कायम किया था वह काफी पुराना मामला था लेकिन विनीत इसके बाद भूमिगत हो गये और रांची के मामले में 29 जुलाई को आत्मसमर्पण किया था। कोर्ट से बरी होने के बाद विनीत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विरोधियों ने साजिश के तहत फर्जी मामले में फंसाया था। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। न्याय की जीत हुई है और विरोधियों का षडयंत्र नाकाम हुआ। आगे की रणनीति के बाबत उन्होंने कोई टिप्पणी से इनकार कर दिया।

क्या बदलेगी पूर्वांचल की सियासत
विनीत सिंह बहुजन समाज पार्टी से आते है, पर हर दल को लोगों से उनकी जान पहचान हैं। इस समय उनके प्रतिद्वंदी सुशील सिंह का इस समय भाजपा में मजबुत पकड़ है। विधानसभा चुनाव में विनीत के जेल में रहने पर सुनील ने उन्हें हराकर चुनाव जीता। अब वह बाहर आ गये है। ऐसे में पूर्वांचल की सियायत को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी है।












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