मिल्कीपुर उपचुनाव रिजल्ट: रामलला की धरती पर सियासी घमासान! Milkipur election का राम मंदिर से क्या है कनेक्शन?
Milkipur by election result: अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम सामने आ रहे हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को बड़ी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। 9 राउंड की गिनती के बाद भाजपा प्रत्याशी 25,378 वोटों से आगे चल रहे हैं।
यह उपचुनाव खासतौर पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे 2027 के लिए सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी जहां इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखना चाहती है।

वहीं भाजपा की कोशिश इस सीट पर जीत हासिल कर 2024 में अयोध्या (फैजाबाद) लोकसभा चुनाव में मिली हार का बदला लेने की है। इस सियासी संघर्ष के बीच, लोग इसे राम मंदिर के निर्माण से भी जोड़कर देख रहे हैं। आइए जानते हैं, मिल्कीपुर उपचुनाव का राम मंदिर से क्या कनेक्शन है।
राम मंदिर उद्घाटन के बाद हारी बीजेपी
वर्ष 2024 में अयोध्या में राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ था, जिसका भाजपा को लोकसभा चुनावों में कई सीटों पर फायदा हुआ था। हालांकि, अयोध्या की फैजाबाद लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
इस सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने 554289 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा के लल्लू सिंह को 499722 वोट ही मिल पाए। इस हार ने विपक्षी दलों को उत्साहित कर दिया और भाजपा को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
भव्य राम मंदिर उद्घाटन और सियासी धारा
राम मंदिर उद्घाटन के बाद भाजपा को जहां कुछ सीटों पर फायदा हुआ, वहीं अयोध्या (फैजाबाद) में हार ने भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ा। इसके परिणामस्वरूप सोशल मीडिया पर इस हार को लेकर लंबी बहस चली।
इस चुनाव परिणाम को सपा और कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा की हार को अपनी राजनीतिक जीत के रूप में प्रस्तुत किया। राम मंदिर उद्घाटन के बाद इस हार को भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना गया। कई दिनों तक मामला चर्चा में रहा।
मिल्कीपुर में क्यों हुआ उपचुनाव?
मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद से जीत हासिल की थी, जिसके बाद मिल्कीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी।
हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर एक कानूनी विवाद के चलते पूर्व में उपचुनाव नहीं हो सका था। अब 5 फरवरी को मतदान होने के बाद आज मतगणना हो रही है, और शुरुआती परिणामों में भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है।
भाजपा का राम मंदिर और विकास के मुद्दों पर प्रचार
भाजपा ने इस उपचुनाव में राम मंदिर के निर्माण और हिंदुत्व के साथ-साथ विकास कार्यों को भी प्रमुख मुद्दा बनाकर प्रचार किया। यही कारण है कि शुरुआती रुझानों में भाजपा को बढ़त मिल रही है। यह सीट भाजपा के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि इसे वह 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार का बदला लेने का मौका मान रही है।












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